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जैन संतों पर हमले के विरोध में ‘कलेक्टोरेट चलो’ रैली में शामिल हुए अरुण वोरा, बोले – संतों की सुरक्षा अब अनदेखी नहीं की जा सकती

दुर्ग | गवलियापारा स्थित वर्धमान स्थानक भवन से शुरू होकर दुर्ग कलेक्टोरेट तक निकली जैन समाज की ‘कलेक्टोरेट चलो’ रैली में आज कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक अरुण वोरा ने भी भाग लिया। यह रैली झारखंड राज्य के ग्राम कछाला में जैन संतों के ऊपर हुए प्राणघातक हमले के विरोध में और संत समाज की सुरक्षा एवं धार्मिक स्वतंत्रता की मांग को लेकर आयोजित की गई थी।

इस रैली में जैन समाज के विभिन्न घटक बड़ी संख्या में एकजुट होकर शामिल हुए।इस जनआंदोलन के माध्यम से समाजजनों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपा, जिसमें दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की गई और यह आग्रह किया गया कि भविष्य में देशभर में संतों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

पूर्व विधायक अरुण वोरा ने रैली के दौरान कहा —

“संत समाज पर हमला, सिर्फ एक समुदाय पर नहीं, बल्कि पूरे समाज और हमारे मूल्यों पर हमला है। हम सभी को एकजुट होकर इस अमानवीय कृत्य का विरोध करना होगा। यह न केवल धार्मिक स्वतंत्रता पर सवाल है, बल्कि हमारी संवैधानिक जिम्मेदारी भी बनती है कि हर संत, हर नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस करे।”

उन्होंने जैन समाज द्वारा शांतिपूर्ण और संगठित तरीके से उठाई गई आवाज़ की सराहना करते हुए कहा कि प्रशासन को इस मामले में पूरी संवेदनशीलता के साथ काम करना चाहिए। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि वे इस मुद्दे को उचित मंचों पर उठाएंगे और संतों की सुरक्षा को लेकर प्रशासनिक जवाबदेही की मांग करेंगे।

ज्ञात हो कि झारखंड के कछाला गांव में जैन संतों पर हुए हमले ने पूरे देशभर के जैन समाज को आक्रोशित और व्यथित कर दिया है। इस आयोजन में दुर्ग के अनेक प्रमुख जैन अनुयायियों, सामाजिक संगठनों और युवाओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया। ज्ञापन सौंपते समय सभी ने एक स्वर में यह संदेश दिया कि जब तक संत समाज सुरक्षित नहीं होगा, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।

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