ब्रेकिंग
स्वास्थ्य कर्मचारी संघ का जिला अस्पताल से कलेक्ट्रेट तक मार्च, मांगों को लेकर सरकार के नाम सौंपा ज्ञ... साड़ी की जिद बनी मौत की वजह! पत्नी ने पति को उतारा मौत के घाट CM साय से लघु उद्योग भारती की मुलाकात, इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर की तैयारियों पर हुई अहम चर्चा Sai Cabinet Meeting Today: आज साय सरकार ले सकती है बड़े फैसले, किसानों के लिए हो सकता है बड़ा ऐलान लोक कर्म विभाग की समीक्षा बैठक में विकास कार्यों की प्रगति पर सख्त नजर, समय-सीमा में कार्य पूर्ण करन... भव्य सावन मेले की तैयारियों ने पकड़ी रफ्तार, सांस्कृतिक समिति की बैठक में बनी कार्ययोजना, छत्तीसगढ़ में मेहरबान हुआ मानसून, रायपुर समेत कई जिलों में बारिश; मौसम विभाग का ऑरेंज-येलो अलर्ट दुर्ग में अंधे कत्ल का खुलासा: महिला की हत्या के मामले में 2 आरोपी गिरफ्तार, दुष्कर्म की कोशिश नाकाम... सी.जी. सुपरफास्ट न्यूज़ के संपादक सुरेश गुप्ता ने उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा को दी जन्मदिन की शुभकामना... राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव 2026-27 का भव्य आयोजन, नए शिक्षा सत्र का हुआ शुभारंभ
रायपुर

“संगी रे लहुट के आजा” ने मचाया तहलका: डायलॉग, एक्टिंग और गानों से जीता दिल, बॉक्स ऑफिस पर ‘सितारे ज़मीन पर’ को पछाड़ा!

रायपुर। संगीतकार से निर्देशक बने बाबला बागची की पहली छत्तीसगढ़ी फिल्म ‘संगी रे लहुट के आजा’ ने प्रदेश के 30 सिनेमाघरों में रिलीज होते ही दर्शकों का दिल जीत लिया है। रायपुर के श्याम सिनेमा में हुए प्रीमियर शो में दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ी, जहाँ सभी ने इस संगीतमय फिल्म की जमकर सराहना की। फिल्म को दर्शकों से शानदार प्रतिक्रिया मिल रही है।

फिल्म की कहानी एक गाँव के गरीब लड़के की है, जो एक प्रतिभाशाली गायक है और अपने सपनों को पूरा करने के लिए मुंबई का रुख करता है जिसमें अपनी बुढ़ी माता का सपना पूरा करने की तमन्ना रख मुंबई की ओर रुख करते है। कहानी में रोमांस, इमोशन और दमदार एक्शन का बेहतरीन संतुलन है, जो दर्शकों को शुरू से अंत तक बांधे रखती है।

फिल्म का क्लाइमेक्स बेहद प्रभावी ढंग से फिल्माया गया है, जो दर्शकों पर एक गहरी छाप छोड़ता है। अभिनेता योगेश अग्रवाल ने अपने अब तक के करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। उनका अभिनय इतना दमदार है कि कई दृश्यों में दर्शक तालियां बजाने पर मजबूर हो जाते हैं। फिल्म के नए हीरो प्रतीक ने भी अपने किरदार में जान डाल दी है, वहीं हीरोइन सिल्की का अभिनय भी काबिले-तारीफ है और वह महिला दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ने में सफल रहती हैं।

हीरो की माता के किरदार में रंगमंच कलाकार अनीता उपाध्याय ने 50 से की दशक की चर्चित अभिनेत्री दुर्गा खोटे की अभिनय को याद दिलाता है जबरदस्त बॉन्डिंग दिखाई दी है माँ बेटे की निर्देशक बाबला ने फिल्म का सबसे बड़ा सरप्राइज हैं छत्तीसगढ़ी फिल्मों के सुपर डायरेक्टर सतीश जैन, जो इस फिल्म में एक दमदार कॉमेडी भूमिका में नजर आ रहे हैं। उनके किरदार ने दर्शकों को खूब हंसाया और अचंभित भी किया।

निर्देशक के तौर पर अपनी पहली ही फिल्म में बाबला बागची ने शानदार निर्देशन किया है और यह साबित कर दिया है कि वे अपने गुरु सतीश जैन के एक योग्य शिष्य हैं। फिल्म का संगीत पक्ष भी बेहद मजबूत है, जिसकी कहानी दो गायकों के इर्द-गिर्द घूमती है। बाबला बागची द्वारा संगीतबद्ध किए गए सभी गाने कर्णप्रिय हैं और दर्शकों की जुबान पर चढ़ रहे हैं।

कुल मिलाकर, ‘संगी रे लहुट के आजा’ एक संपूर्ण पारिवारिक साफ-सुथरी मनोरंजक फिल्म है। बेहतरीन कहानी, दमदार अभिनय, कर्णप्रिय संगीत और शानदार क्लाइमेक्स के साथ यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर एक बड़ी हिट साबित हो सकती है। यह फिल्म निश्चित रूप से देखने लायक है।

एक हिसाब से देखा जाए तो फिल्म की हीरोइन का 10 15 साल के बाद फिल्मों में आना एक अजूबा लगता है क्योंकि फिल्म की हीरोइन एल्बम में भी काम कर चुकी है फिल्मों में भी काम की है और इस फिल्म की सिल्की अनुकृति चौहान से भी सीनियर आर्टिस्ट है क्योंकि अनुकृति चौहान को तो वर्तमान में हम जानेंगे मगर सिल्की को सर्वप्रथम माना जाएगा l

फिल्म के प्रीमियर के दौरान हमारे ब्यूरो चीफ ने सौजन्य मुलाकात किया फिल्म के हीरोइन से एवं साइड हीरोइन से l

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Slot Site
Back to top button