
दुर्ग। जिले में अवैध हथियारों के ऑनलाइन क्रय और सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के मामले को गंभीरता से लेते हुए दुर्ग पुलिस ने व्यापक कार्रवाई की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल के निर्देशानुसार पुलिस टीमों ने सोशल मीडिया और ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफार्म जैसे अमेज़न, फ्लिपकार्ट और मिशों पर निगरानी रखी।
पुलिस ने पाया कि कुछ आदतन अपराधी और निगरानी में रहने वाले बदमाश घातक हथियार (चाकू, तलवार, कट्टा, पिस्टल) ऑनलाइन मंगाकर अपनी तस्वीरें सोशल मीडिया पर अपलोड कर आम जनता को डराने का प्रयास कर रहे थे। इसके बाद पुलिस ने ACCU और थानों की टीमों के माध्यम से इंस्टाग्राम और फेसबुक की जांच की और संदिग्धों के खिलाफ कार्रवाई की।

इस जांच में पिछले चार दिनों में कई संदिग्ध मिले। थाना कोतवाली दुर्ग में 2 व्यक्तियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया, जबकि थाना छावनी में 12 हथियार जब्त किए गए। जिनके पास हथियार नहीं पाए गए, उनके खिलाफ प्रतिबंधक कार्यवाही की गई। नाबालिगों के मामले में उनके पालकों को बुलाकर समझाईश दी गई और सोशल मीडिया पर अवैध हथियारों की पोस्ट हटवाई गई।
दुर्ग पुलिस ने पालकों से विशेष अनुरोध किया है कि अपने बच्चों के एंड्रॉयड फोन पर निगरानी रखें और उन्हें अवैध गतिविधियों से दूर रखें। साथ ही, ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफार्मों से भी अनुरोध किया गया है कि वे घातक हथियारों की डिलीवरी से पहले एक्स-रे मशीन से जांच करें और संदिग्ध पाए जाने पर संबंधित थाना को सूचित करें।
इसके अलावा, पुलिस ने जिले के दुकानदारों और ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफार्मों के जरिए हथियार खरीदने वालों को लगभग 300 लोगों को अवैध हथियार क्रय न करने की सलाह दी। सभी को सोशल मीडिया पर चाकू-तलवार की फोटो पोस्ट न करने और भविष्य में इस तरह के कृत्यों से बचने के लिए चेताया गया।
इस अभियान का उद्देश्य जिले में चाकूबाजी और अवैध हथियारों के प्रयोग पर पूरी तरह लगाम लगाना और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।














