सोने से आगे निकली चांदी, पहली बार 3 लाख रुपये का स्तर पार

नई दिल्ली। चांदी की कीमतों ने सोमवार को इतिहास रच दिया और निवेश बाजार में हलचल मचा दी। 19 जनवरी को चांदी पहली बार 3 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर को पार कर गई, जिससे अब तक के सभी पुराने रिकॉर्ड टूट गए। वायदा बाजार में आई तेज उछाल ने निवेशकों और कारोबारियों दोनों को चौंका दिया।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर मार्च डिलीवरी वाली चांदी में जबरदस्त तेजी देखी गई। कारोबार के दौरान चांदी का वायदा भाव 13 हजार रुपये से अधिक उछलकर करीब 3.01 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया। यह बढ़त एक ही दिन में करीब पांच प्रतिशत के आसपास रही, जो हाल के वर्षों में दुर्लभ मानी जा रही है।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, चांदी की कीमतों में इस उछाल के पीछे दो प्रमुख कारण माने जा रहे हैं। पहला, औद्योगिक क्षेत्रों से बढ़ती मांग, जहां इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर एनर्जी और ऑटोमोबाइल सेक्टर में चांदी का उपयोग लगातार बढ़ रहा है। दूसरा, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिकी डॉलर में कमजोरी, जिससे कीमती धातुओं में निवेश आकर्षक बन गया है।
वैश्विक बाजारों में भी चांदी ने नई ऊंचाई छू ली है। अंतरराष्ट्रीय वायदा कारोबार में मार्च सिल्वर कॉन्ट्रैक्ट रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जिससे घरेलू बाजार को भी मजबूती मिली। दिलचस्प बात यह है कि हालिया कारोबारी सत्रों में चांदी का प्रदर्शन सोने से बेहतर रहा है, जिससे निवेशकों का रुझान तेजी से चांदी की ओर बढ़ा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक आर्थिक हालात और औद्योगिक मांग इसी तरह बनी रही, तो आने वाले दिनों में चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव के साथ ऊंचे स्तर बने रह सकते हैं। फिलहाल चांदी की इस ऐतिहासिक तेजी ने कमोडिटी बाजार में नई चर्चा को जन्म दे दिया है।














