ब्रेकिंग
CG News:- लूट के माल के बंटवारे पर गैंग में घमासान! मारपीट ने खोला पूरा राज, रीवा से आई पिस्टल से लू... छत्तीसगढ़ में फिर बिगड़ा मौसम, रायपुर-बिलासपुर समेत कई इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी शिक्षकों के उत्कृष्ट कार्य का सम्मान, छत्तीसगढ़ के 64 शिक्षकों को राज्यपाल करेंगे सम्मानित दर्दनाक सड़क हादसा, पेड़ से टकराई बाइक; दो नाबालिगों की मौके पर मौत कर्ज वसूली के नाम पर बर्बरता, महिला और बेटे को बंधक बनाकर पीटा; निर्वस्त्र कर वीडियो बनाने का आरोप नर्मदा में 15 लोगों की जान पर बनी! पेट्रोलिंग बोट का इंजन बंद, तेज बहाव में डूबी नाव भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें धर्म, कर्तव्य और लोककल्याण के मार्ग पर चलने की देता है प्रेरणा - मुख्यम... मृत भालू के नाखून काटकर ले जाने वाले दो आरोपी गिरफ्तार रायगढ़ की बदलेगी तस्वीर: विकास परियोजनाओं का वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी ने किया मैराथन निरीक्षण जल संरक्षण में सूरजपुर का ऐतिहासिक प्रदर्शन- देश में चौथा और छत्तीसगढ़ में मिला पहला स्थान
देश

मंत्री विजय शाह के लिए मुश्किल समय, कर्नल सोफिया कुरैशी विवाद में तीन बिंदुओं पर SIT जांच जारी

भोपाल। सेना की वरिष्ठ अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर दिए गए बयान के कारण मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विजय शाह की कानूनी और राजनीतिक चुनौतियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गठित विशेष जांच दल (SIT) ने मामले की जांच का दायरा और व्यापक कर दिया है और अब मंत्री से जुड़े अन्य विवादित बयानों की भी गहन पड़ताल की जा रही है।

सूत्रों के अनुसार, SIT ने जांच को तीन मुख्य बिंदुओं पर केंद्रित किया है। पहले चरण में कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर की गई टिप्पणी की पृष्ठभूमि, मंशा और प्रभाव की जांच की जा रही है। दूसरे चरण में मंत्री द्वारा अलग-अलग कार्यक्रमों और सार्वजनिक मंचों से दिए गए ऐसे बयान खंगाले जा रहे हैं, जिन्हें आपत्तिजनक, असंवैधानिक या समाज में तनाव फैलाने वाला माना जा रहा है। तीसरे चरण में इन बयानों से जुड़े वीडियो, ऑडियो, दस्तावेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान एकत्र कर उनकी सत्यता की पुष्टि की जा रही है।

अब तक की जांच में SIT ने मंत्री विजय शाह समेत 27 लोगों के बयान दर्ज किए हैं। टीम को कई पुराने वीडियो फुटेज और सोशल मीडिया पर प्रसारित भाषण भी मिले हैं, जिन्हें साक्ष्य के तौर पर जांच में शामिल किया गया है। इनमें हाल के महीनों में महिलाओं और सामाजिक वर्गों को लेकर दिए गए कुछ बयान भी शामिल बताए जा रहे हैं।

इसी बीच सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को यह भी निर्देश दिए हैं कि मंत्री के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए अभियोजन स्वीकृति से जुड़ी प्रक्रिया को नियमों के अनुसार आगे बढ़ाया जाए। यह प्रस्ताव राज्य के गृह और विधि विभाग से होते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के समक्ष जाएगा, जहां इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

गौरतलब है कि 11 मई 2025 को इंदौर में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान दिए गए बयान के बाद यह विवाद सामने आया था। हाई कोर्ट के निर्देश पर मंत्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी, जिसे उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। वहीं विपक्षी दल कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर सरकार पर दबाव बढ़ाते हुए मंत्री से इस्तीफे की मांग तेज कर दी है। अब आने वाले दिनों में SIT की रिपोर्ट और सरकार के फैसले पर सभी की नजर बनी हुई है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button