ब्रेकिंग
स्वास्थ्य कर्मचारी संघ का जिला अस्पताल से कलेक्ट्रेट तक मार्च, मांगों को लेकर सरकार के नाम सौंपा ज्ञ... साड़ी की जिद बनी मौत की वजह! पत्नी ने पति को उतारा मौत के घाट CM साय से लघु उद्योग भारती की मुलाकात, इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर की तैयारियों पर हुई अहम चर्चा Sai Cabinet Meeting Today: आज साय सरकार ले सकती है बड़े फैसले, किसानों के लिए हो सकता है बड़ा ऐलान लोक कर्म विभाग की समीक्षा बैठक में विकास कार्यों की प्रगति पर सख्त नजर, समय-सीमा में कार्य पूर्ण करन... भव्य सावन मेले की तैयारियों ने पकड़ी रफ्तार, सांस्कृतिक समिति की बैठक में बनी कार्ययोजना, छत्तीसगढ़ में मेहरबान हुआ मानसून, रायपुर समेत कई जिलों में बारिश; मौसम विभाग का ऑरेंज-येलो अलर्ट दुर्ग में अंधे कत्ल का खुलासा: महिला की हत्या के मामले में 2 आरोपी गिरफ्तार, दुष्कर्म की कोशिश नाकाम... सी.जी. सुपरफास्ट न्यूज़ के संपादक सुरेश गुप्ता ने उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा को दी जन्मदिन की शुभकामना... राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव 2026-27 का भव्य आयोजन, नए शिक्षा सत्र का हुआ शुभारंभ
छत्तीसगढ़दुर्ग

सुपेला में घर में घुसकर मारपीट, मां-बेटे गिरफ्तार

भिलाई, 23 फरवरी 2026। दुर्ग पुलिस ने सुपेला क्षेत्र में गाली-गलौज, मारपीट और घर में घुसकर हमला करने के मामले में मां-बेटे को गिरफ्तार किया है। दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

पुलिस के मुताबिक पाँच रास्ता गली नंबर 04, पटेल होटल के पीछे निवासी गौरव पाल (40) ने थाना सुपेला में शिकायत दर्ज कराई कि 20 फरवरी को वह अपने घर के पास ऑटो में बैठा था। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाला राजा सोनकर उर्फ राजा बटीक वहां पहुंचा और बिना किसी कारण गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी तथा हाथ-मुक्कों से मारपीट की।

घटना के दौरान बीच-बचाव करने पहुंचे पड़ोसी तपेश सोनी और उनकी पत्नी दिशा के साथ भी आरोपी और उसकी मां ने मारपीट की। आरोप है कि राजा सोनकर ने तपेश सोनी के हाथ में दांत से काटकर चोट पहुंचाई और उनके घर में घुसकर उनकी पुत्री नेहा उर्फ गीतिका से भी मारपीट की।

मामले में थाना सुपेला में अपराध क्रमांक 289/2026 दर्ज कर धारा 296, 115(2), 351(3), 333, 3(5) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया। पुलिस ने त्वरित घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोप स्वीकार करने के बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। प्रकरण में कोई अलग से जप्त सामग्री नहीं है।

कार्रवाई में निरीक्षक विजय कुमार यादव, प्रधान आरक्षक प्रकाशचंद तिवारी, आरक्षक नवीन सिंह एवं धर्मेन्द्र सूर्यवंशी की विशेष भूमिका रही।

दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी विवाद की स्थिति में कानून हाथ में न लें और शांतिपूर्ण समाधान के लिए पुलिस की सहायता लें। मोहल्लों में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Slot Site
Back to top button