ब्रेकिंग
EMI घोटाले का खुलासा: दूसरे के नाम पर फाइनेंस कराए मोबाइल-एसी, किस्त नहीं चुकाने वाला आरोपी गिरफ्तार म्यूल अकाउंट पर दुर्ग पुलिस की लगातार कार्यवाही जारी साइबर ठगी में प्रयुक्त म्यूल बैंक खाते उपलब्ध क... धमधा में युवक की मौत से सनसनी, फांसी के फंदे पर मिला शव, कई सवाल बरकरार अग्रसेन चौक से हटाए गए यातायात बाधित ठेले-खोमचे, निगम की सख्त कार्रवाई, कलेक्टोरेट परिसर स्थित आधार सेवा केंद्र में चोरी का चंद घंटों में खुलासा, 2 आरोपी और 2 नाबालिग पकड़े... फैक्ट्री से लोहे का सामान चोरी कर कबाड़ी को बेचने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार, 50 हजार का माल बरामद मानसून की दस्तक से पहले मौसम मेहरबान, बस्तर संभाग में बारिश को लेकर चेतावनी साइबर ठगी के लिए म्यूल बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले 15 आरोपी गिरफ्तार, मोहन नगर पुलिस की बड़ी कार्रवा... घर से आभूषण चोरी करने वाली महिला गिरफ्तार, चोरी की चांदी की पायल बरामद अवैध शराब बेचते आरोपी को उतई पुलिस ने दबोचा, 30 पौवा देशी मसाला शराब जब्त
छत्तीसगढ़दुर्ग

म्यूल अकाउंट पर दुर्ग पुलिस की लगातार कार्यवाही जारी साइबर ठगी में प्रयुक्त म्यूल बैंक खाते उपलब्ध कराकर अवैध धन अर्जित करने वाले 03 आरोपी गिरफ्तार, न्यायिक रिमांड पर भेजे गए जेल

दुर्ग। साइबर अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत दुर्ग पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा संचालित समन्वय पोर्टल एवं पुलिस मुख्यालय से प्राप्त सूचना के आधार पर थाना नेवई क्षेत्र में संचालित केनरा बैंक के खातों की जांच के दौरान साइबर ठगी से जुड़े म्यूल खातों का खुलासा हुआ है। मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

पुलिस के अनुसार, खातों के परीक्षण में यह पाया गया कि विभिन्न साइबर ठगी मामलों में ठगी की रकम कुछ संदिग्ध बैंक खातों में जमा की गई थी। जांच में सामने आया कि वर्ष 2024 से 2026 के बीच इन खातों का उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त राशि को प्राप्त करने, अन्य खातों में स्थानांतरित करने और निकालने के लिए किया गया। इसके माध्यम से आरोपियों ने अवैध आर्थिक लाभ अर्जित किया।

मामले में 99 संदिग्ध खाताधारकों के खिलाफ अपराध क्रमांक 306/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(2), 318(3) एवं 318(4) के अंतर्गत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।

जांच के दौरान बैंक से प्राप्त केवाईसी दस्तावेज, खाता विवरण और ट्रांजेक्शन स्टेटमेंट का परीक्षण किया गया। इसमें आरोपियों के खातों में लाखों रुपये के संदिग्ध और अनाधिकृत लेन-देन पाए गए। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर 13 जून 2026 को उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपियों में पवन दास मानिकपुरी, करण रंगारी और नरेन्द्र कुमार साहू शामिल हैं। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने अपने बैंक खाते, पासबुक, एटीएम कार्ड और मोबाइल सिम अन्य व्यक्तियों को साइबर ठगी से संबंधित आर्थिक लेन-देन के लिए उपलब्ध कराए थे। इसके बदले उन्हें आर्थिक लाभ भी प्राप्त हुआ था।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से केनरा बैंक की पासबुक, एटीएम कार्ड, मोबाइल सिम कार्ड तथा बैंक खातों से संबंधित दस्तावेज जब्त किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर केंद्रीय जेल दुर्ग भेज दिया गया।

इस कार्रवाई में एसीसीयू टीम एवं थाना नेवई के निरीक्षक अनिल कुमार साहू, आरक्षक रवि बिसाई और आरक्षक प्यारे लाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

दुर्ग पुलिस की अपील

दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक, मोबाइल सिम या बैंकिंग संबंधी जानकारी उपयोग के लिए उपलब्ध न कराएं। ऐसा करना साइबर अपराध में सहभागिता माना जा सकता है और संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। किसी भी संदिग्ध साइबर गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस या साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Slot Site
Back to top button