
दुर्ग। भूमि विक्रय के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले दो आरोपियों को पुलगांव पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। आरोपियों ने एक ही जमीन का सौदा कई लोगों से कर करीब 8 लाख रुपये ऐंठ लिए, लेकिन किसी के नाम रजिस्ट्री नहीं कराई।
पुलिस के अनुसार, प्रार्थी ने थाना पुलगांव में शिकायत दर्ज कराई थी कि ग्राम दमोदा निवासी नोकेश देशमुख और नेहा देशमुख ने ग्राम अंजोरा स्थित खसरा नंबर 615/10, प्लॉट नंबर-08 की जमीन बेचने का सौदा 5.50 लाख रुपये में किया। इस दौरान प्रार्थी से ऑनलाइन और नकद माध्यम से 5.20 लाख रुपये तथा व्यवसायिक आवश्यकता का हवाला देकर उसकी माता से 2.80 लाख रुपये एनईएफटी के जरिए ले लिए। इस तरह आरोपियों ने कुल 8 लाख रुपये प्राप्त कर लिए, लेकिन जमीन की रजिस्ट्री नहीं कराई।
जब प्रार्थी ने ऑनलाइन भूइयां पोर्टल पर जमीन की जानकारी निकाली, तो पता चला कि संबंधित भूमि पहले से ही किसी अन्य व्यक्ति के नाम पंजीबद्ध है। पुलिस की विवेचना में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने इसी जमीन का सौदा दीपक कुमार चौबे, दुर्गा शर्मा, दिनेश कुमार पाण्डे सहित अन्य लोगों से भी कर उनसे ब्याना राशि लेकर धोखाधड़ी की।
शिकायत और साक्ष्यों के आधार पर थाना पुलगांव में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) एवं 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उन्हें न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। पुलिस ने प्रकरण से जुड़े दस्तावेज और बैंकिंग लेन-देन के रिकॉर्ड भी जब्त किए हैं।
पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य संभावित पीड़ितों और धोखाधड़ी के अन्य पहलुओं की जांच जारी है। इस कार्रवाई में उप निरीक्षक गुरविंदर सिंह संधू, उप निरीक्षक बेदराम चंद्रवंशी, प्रधान आरक्षक पुष्पकराज, शकुन्तला राठिया तथा सहायक उप निरीक्षक सुभाष साहू की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी भूमि की खरीद-फरोख्त से पहले संबंधित दस्तावेजों और स्वामित्व का पूरी तरह सत्यापन अवश्य करें तथा किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी की जानकारी तत्काल निकटतम पुलिस थाना या पुलिस हेल्पलाइन को दें।












