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Raipur Central Jail Bail: जेल से बाहर आते ही अमित बघेल ने भरी हुंकार, 2028 चुनाव पर किया बड़ा ऐलान

रायपुर बलौदाबाजार हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमित बघेल को बुधवार रात रायपुर सेंट्रल जेल से रिहा कर दिया गया। उनकी रिहाई के दौरान जेल के बाहर बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे, जिन्होंने नारेबाजी, आतिशबाजी और फूल-मालाओं से उनका स्वागत किया।

जेल से बाहर आते ही किया शक्ति प्रदर्शन

करीब आठ महीने से अधिक समय तक न्यायिक हिरासत में रहने के बाद जेल से बाहर आए अमित बघेल ने महात्मा गांधी, स्वामी विवेकानंद और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया। इसके बाद उन्होंने छत्तीसगढ़ महतारी की तस्वीर हाथ में लेकर समर्थकों का अभिवादन किया।

मीडिया से बातचीत में अमित बघेल ने कहा कि उनकी पार्टी 2028 के छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव पूरी मजबूती के साथ लड़ेगी और प्रदेश में छत्तीसगढ़ियावादी सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ जनता के बीच जाएगी।

5 दिसंबर 2025 से थे न्यायिक हिरासत में

अमित बघेल को बलौदाबाजार हिंसा मामले में गिरफ्तार किया गया था और वे 5 दिसंबर 2025 से रायपुर सेंट्रल जेल में न्यायिक हिरासत में थे। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद उनकी रिहाई की प्रक्रिया पूरी की गई।

क्या है बलौदाबाजार हिंसा मामला?

10 जून 2024 को बलौदाबाजार के दशहरा मैदान में एक सामाजिक मुद्दे को लेकर आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क गई थी। आरोप है कि मंच से दिए गए कथित भड़काऊ भाषण के बाद भीड़ उग्र हो गई और प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बैरिकेड तोड़कर कलेक्ट्रेट एवं एसपी कार्यालय परिसर में प्रवेश कर लिया।

हिंसा के दौरान सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया, कई वाहनों में आग लगा दी गई और कलेक्ट्रेट भवन भी आग की चपेट में आ गया। हालात पर काबू पाने पहुंचे पुलिसकर्मियों पर भी हमला हुआ, जिसमें कई जवान घायल हुए थे।

अन्य मामलों में भी दर्ज हैं एफआईआर

बलौदाबाजार हिंसा प्रकरण के अलावा, अक्टूबर 2025 में छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा से जुड़े विवाद के दौरान अमित बघेल के कथित बयान को लेकर भी विवाद हुआ था। इस मामले में रायपुर के कोतवाली और देवेंद्र नगर थानों में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। इन मामलों की सुनवाई फिलहाल संबंधित न्यायालयों में लंबित है।

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