
दुर्ग। भिलाई के वैशाली नगर इलाके में डॉक्टर के सूने मकान से हुई करीब एक करोड़ रुपये की चोरी के मामले में दुर्ग पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने महाराष्ट्र से उत्तरप्रदेश तक पीछा कर अंतरराज्यीय चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे और निशानदेही पर 47 लाख 64 हजार रुपये नकद, सोने-चांदी के आभूषण, वाहन और अन्य सामान सहित करीब एक करोड़ रुपये की संपत्ति बरामद की गई है। हालांकि, मामले का मुख्य आरोपी राहुल बंसोड़ अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
एक सप्ताह बंद रहा मकान, लौटने पर सामने आई चोरी की वारदात
पुलिस के मुताबिक वैशाली नगर थाना क्षेत्र के सुंदर नगर निवासी डॉक्टर नमिता मित्तल 17 अक्टूबर 2026 को परिवार के साथ घर में ताला लगाकर बाहर गई थीं। 23 अक्टूबर को वापस लौटने पर घर की अलमारी में रखी नकदी और सोने, चांदी व हीरे के कीमती आभूषण गायब मिले। अज्ञात चोरों ने सूने मकान को निशाना बनाकर बड़ी वारदात को अंजाम दिया था।
शिकायत के आधार पर वैशाली नगर थाने में अपराध क्रमांक 389/2026 के तहत बीएनएस की धारा 331(4) और 305 में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) और नगर पुलिस अधीक्षक भिलाईनगर के नेतृत्व में वैशाली नगर थाना तथा एसीसीयू की संयुक्त टीम बनाई गई।


सीसीटीवी और तकनीकी जांच से मिला गिरोह का सुराग
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। संदिग्ध गतिविधियों की पड़ताल करते हुए राहुल बंसोड़ का नाम सामने आया। जानकारी मिली कि वह घटना के आसपास अपने साथियों के साथ क्षेत्र में घूम रहा था और वारदात के बाद से फरार था।
पुलिस ने उसकी तलाश में गोंदिया और नागपुर में दबिश दी। इसके बाद जांच की कड़ियां उत्तरप्रदेश के मिर्जापुर, प्रयागराज और भदोही तक पहुंचीं। आरोपी लगातार ठिकाने बदल रहा था और पुलिस से बचने के लिए गंगा नदी पार करने तक नाव का इस्तेमाल कर रहा था। स्थानीय पुलिस की मदद से चलाए गए अभियान में आरोपी प्रदीप कुमार चौधरी को गिरफ्तार किया गया।
फर्श के नीचे गड्ढा खोदकर छिपाए थे चोरी के जेवर
पूछताछ में प्रदीप ने चोरी की वारदात में शामिल होना स्वीकार किया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने घर के कमरे के फर्श के नीचे जमीन में गड्ढा खोदकर छिपाई गई नकदी और सोने के आभूषण बरामद किए।
जांच में यह भी सामने आया कि प्रदीप ने चोरी के कुछ सोने के आभूषण भदोही के वैष्णवी ज्वेलर्स संचालक सोनू जायसवाल को कम कीमत पर बेच दिए थे। पुलिस पूछताछ में ज्वेलर्स ने चोरी के आभूषण खरीदने और कुछ जेवरों को अपनी भट्टी में गलाकर उनका स्वरूप बदलने की बात स्वीकार की। चोरी का माल बेचने और खपाने में प्रदीप के रिश्तेदार सुजीत सिंह उर्फ बाबू की भूमिका भी सामने आई।
चोरी के पैसों से खरीदी SUV, बाइक और कराया मकान का काम
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि चोरी की रकम का इस्तेमाल आरोपियों ने निजी जरूरतों और संपत्ति खरीदने में किया। प्रदीप ने अपने हिस्से की रकम से घर में बोरिंग, मरम्मत और मोटर पंप लगवाया। इसके अलावा करीब एक लाख रुपये की सुपर स्प्लेंडर मोटरसाइकिल खरीदी।
वहीं मुख्य आरोपी राहुल बंसोड़ चोरी के बाद भिलाई से फरार होकर गोंदिया, नागपुर, मिर्जापुर और प्रयागराज होते हुए दिल्ली पहुंचा था। वहां उसने चोरी की रकम से सेकंड हैंड एक्सयूवी कार खरीदी और बाद में उसी वाहन से भिलाई लौट आया। पुलिस ने कार और मोटरसाइकिल दोनों बरामद कर ली हैं।
रात 3 बजे पुलिस की घेराबंदी, माल लेकर भागने की कोशिश नाकाम
पुलिस को सूचना मिली थी कि राहुल ने चोरी की नकदी और आभूषण अपने माता-पिता तथा भाई के पास छिपाकर रखे हैं। वह चोरी का माल लेने भिलाई पहुंचा, लेकिन पुलिस की निगरानी की भनक लगते ही सुपेला चौक के आसपास अपनी एक्सयूवी छोड़कर फरार हो गया।
इसके बाद उसने अपने भाई और परिचितों के माध्यम से इनोवा वाहन की व्यवस्था कर चोरी का सामान दूसरी जगह ले जाने की योजना बनाई। पुलिस ने संभावित रास्तों पर घेराबंदी की। तड़के करीब 3 बजे इनोवा सहित अलग-अलग वाहनों में जा रहे आरोपियों को आगे और पीछे से घेरकर पकड़ लिया। उनके कब्जे से नकदी और सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए गए।
इन 9 आरोपियों को किया गया गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में प्रदीप कुमार चौधरी, सुजीत सिंह, सोनू जायसवाल, रविन्द्र बंसोड़, किरण बंसोड़, आयुष बंसोड़, रेखचंद्र देवांगन, आकाश कुमार श्रीपाद और अमन सिंह को गिरफ्तार किया है। इनमें ज्वेलर्स, चोरी का माल खपाने वाले तथा आरोपियों को वाहन और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने वाले सहयोगी भी शामिल हैं।
मुख्य आरोपी राहुल बंसोड़ अब भी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीमें लगातार तलाश कर रही हैं।
एक करोड़ की संपत्ति जब्त
पुलिस ने इस कार्रवाई में 47 लाख 64 हजार रुपये नकद, सोने के कंगन, चेन, लॉकेट और अन्य आभूषण, चांदी के जेवर व बिस्किट बरामद किए हैं। इसके अलावा चोरी की रकम से खरीदी गई एक्सयूवी कार और सुपर स्प्लेंडर बाइक तथा वारदात के बाद सामान ले जाने में इस्तेमाल की गई इनोवा भी जब्त की गई है। इलेक्ट्रॉनिक तराजू, डीवीआर, लैपटॉप, टैबलेट, पेटीएम मशीन, पावर बैंक और सात मोबाइल फोन भी पुलिस ने बरामद किए हैं। जब्त संपत्ति की कुल कीमत लगभग एक करोड़ रुपये आंकी गई है।
सूने मकान को लेकर दुर्ग पुलिस ने जारी की अपील
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि घर को लंबे समय तक खाली छोड़ने पर संबंधित थाने या बीट पुलिस को सूचना दें। घरों में मजबूत ताले और सीसीटीवी कैमरे लगवाएं तथा अधिक मात्रा में नकदी और कीमती आभूषण घर पर रखने से बचें। आसपास किसी संदिग्ध व्यक्ति या वाहन की गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें। किसी भी आपात स्थिति में डायल 112 पर संपर्क करने की सलाह दी गई है।
पुलिस के अनुसार मामले में मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी और शेष चोरी की संपत्ति की बरामदगी के प्रयास जारी हैं।















