
दुर्ग | छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ, जिला शाखा दुर्ग ने राज्य के सेवानिवृत्त शासकीय कर्मचारियों एवं पारिवारिक पेंशनरों की विभिन्न समस्याओं के स्थायी, पारदर्शी एवं समयबद्ध निराकरण की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ शासन एवं भारतीय स्टेट बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों को कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी, जिला दुर्ग के माध्यम से विस्तृत ज्ञापन प्रेषित किया है।
संघ के जिलाध्यक्ष भानु प्रताप यादव ने बताया कि शासकीय कर्मचारी अपने जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष शासन एवं आम जनता की सेवा में समर्पित करते हैं। सेवानिवृत्ति के पश्चात उनकी आजीविका एवं सम्मानजनक जीवन का प्रमुख आधार पेंशन होती है। इसी प्रकार कर्मचारी की मृत्यु के बाद पारिवारिक पेंशन पर निर्भर परिवारों के लिए भी यह आर्थिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसके बावजूद पेंशन भुगतान, PPO जारी करने, पेंशन निर्धारण एवं पुनरीक्षण, महंगाई राहत (DR), एरियर, चिकित्सा सुविधाओं, बैंकिंग सेवाओं तथा पारिवारिक पेंशन स्वीकृति जैसे मामलों में अनेक पेंशनरों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
विशेषकर वरिष्ठ नागरिक, दिव्यांग एवं अस्वस्थ पेंशनरों को विभिन्न विभागों, कोषालयों एवं बैंक शाखाओं के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इन समस्याओं के समाधान के लिए शासन स्तर पर एक समर्पित एवं प्रभावी व्यवस्था की आवश्यकता है।
ज्ञापन में प्रमुख रूप से चार सूत्रीय मांगें रखी गई हैं।
पहली मांग – शासन स्तर पर विशेष पेंशनर्स सेल का गठन: सामान्य प्रशासन विभाग अथवा वित्त विभाग के अंतर्गत विशेष पेंशनर्स सेल (Special Pensioners Cell) गठित किया जाए। इसके माध्यम से पेंशनरों एवं पारिवारिक पेंशनरों की शिकायतों के निराकरण के लिए एकल संपर्क केंद्र, ऑनलाइन पोर्टल, ई-मेल एवं हेल्पलाइन प्रारंभ की जाए। पेंशन प्रकरण, PPO, पेंशन पुनरीक्षण, DR एवं एरियर के लंबित मामलों की नियमित समीक्षा हो तथा प्रत्येक जिले में नोडल अधिकारी नियुक्त कर शिकायतों के निराकरण की समय-सीमा निर्धारित की जाए। वरिष्ठ एवं अस्वस्थ पेंशनरों के मामलों को प्राथमिकता दी जाए।
दूसरी मांग – SBI में विशेष State Government Pension Package लागू किया जाए: भारतीय स्टेट बैंक द्वारा कार्यरत शासकीय कर्मचारियों को State Government Salary Package (SGSP) के अंतर्गत दी जाने वाली विशेष बैंकिंग सुविधाओं की तर्ज पर सेवानिवृत्त कर्मचारियों एवं पारिवारिक पेंशनरों के लिए पृथक State Government Pension Package (SGPP) लागू करने की पहल की जाए।
प्रस्तावित पैकेज में शून्य न्यूनतम बैलेंस वाला पेंशन खाता, निःशुल्क अथवा रियायती ATM/Debit Card, पात्रता के अनुसार बीमा सुरक्षा, रियायती ब्याज दर पर पेंशन एवं पारिवारिक पेंशन ऋण, SMS अलर्ट, पासबुक एवं चेकबुक की सुविधा, NEFT/RTGS शुल्क में छूट, लॉकर किराये में रियायत, डोरस्टेप बैंकिंग तथा पेंशन एवं जीवन प्रमाणपत्र संबंधी समस्याओं के लिए विशेष हेल्पलाइन जैसी सुविधाएं शामिल करने की मांग की गई है। साथ ही बैंक शाखाओं में पेंशनरों के लिए प्राथमिकता सेवा एवं पृथक सहायता काउंटर की व्यवस्था की जाए।
तीसरी मांग – SGSP एवं वर्तमान पेंशन पैकेज की नियमावली उपलब्ध कराई जाए: भारतीय स्टेट बैंक से कार्यरत कर्मचारियों के SGSP तथा वर्तमान में संचालित Comprehensive Pension Package की संपूर्ण नियमावली, पात्रता, बीमा सुरक्षा, ऋण सुविधाओं, ब्याज दरों एवं बैंकिंग लाभों का विस्तृत विवरण उपलब्ध कराने की मांग की गई है। दोनों पैकेजों का तुलनात्मक अध्ययन कर छत्तीसगढ़ के पेंशनरों एवं पारिवारिक पेंशनरों के लिए अधिकाधिक सुविधाओं वाला विशेष SGPP तैयार किया जाए।
चौथी मांग – शासन एवं SBI की संयुक्त बैठक आयोजित की जाए: छत्तीसगढ़ शासन के वित्त विभाग, सामान्य प्रशासन विभाग, शासकीय कर्मचारी कल्याण शाखा, संचालनालय पेंशन एवं भविष्य निधि तथा भारतीय स्टेट बैंक के संबंधित अधिकारियों की संयुक्त बैठक आयोजित की जाए। इसमें कर्मचारी संघों एवं पेंशनर संगठनों के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया जाए, ताकि समस्याओं के निराकरण एवं विशेष पेंशन पैकेज लागू करने के संबंध में व्यावहारिक निर्णय लिया जा सके। SGPP के क्रियान्वयन के लिए शासन एवं SBI के मध्य सहमति-पत्र (MoU) अथवा अन्य उपयुक्त व्यवस्था बनाने की दिशा में पहल की जाए।
संघ ने लिखित जवाब एवं समय-सीमा निर्धारित करने पर दिया विशेष जोर
भानु प्रताप यादव ने कहा कि पेंशनरों को अपने अधिकारों एवं सुविधाओं के लिए बार-बार कार्यालयों तथा बैंक शाखाओं के चक्कर लगाने की स्थिति से मुक्ति मिलनी चाहिए। सेवानिवृत्त कर्मचारी शासन की अमूल्य धरोहर हैं और उनके सम्मान, आर्थिक सुरक्षा एवं सुविधाजनक जीवन की जिम्मेदारी शासन एवं संबंधित संस्थाओं की है।
उन्होंने मांग की कि ज्ञापन पर की गई कार्यवाही, लिए गए निर्णय, प्रस्तावित व्यवस्था एवं क्रियान्वयन की समय-सीमा से छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ, जिला शाखा दुर्ग को अनिवार्य रूप से लिखित रूप में अवगत कराया जाए। यदि किसी मांग पर तत्काल निर्णय लेना संभव नहीं हो, तो उसके कारण एवं आगामी कार्यवाही की जानकारी भी संघ को लिखित रूप में प्रदान की जाए।
संघ ने विश्वास व्यक्त किया है कि छत्तीसगढ़ शासन एवं भारतीय स्टेट बैंक पेंशनरों के व्यापक हितों को ध्यान में रखते हुए संवेदनशीलता के साथ सकारात्मक निर्णय लेंगे तथा विशेष पेंशनर्स सेल एवं SGPP लागू करने की दिशा में शीघ्र आवश्यक पहल करेंगे।















