ब्रेकिंग
फ्लाइट बंद होने के बीच राहत की खबर, बिलासपुर से Fly91 भर सकती है उड़ान भिलाई में भीषण सड़क हादसा, पेड़ से टकराई तेज रफ्तार स्कॉर्पियो; दो युवकों की मौत लखनऊ में पत्रकार सुरक्षा सेवा समिति का पहला स्थापना दिवस, 17 राज्यों के पत्रकारों ने दिखाया एकजुटता ... CG News:- लूट के माल के बंटवारे पर गैंग में घमासान! मारपीट ने खोला पूरा राज, रीवा से आई पिस्टल से लू... छत्तीसगढ़ में फिर बिगड़ा मौसम, रायपुर-बिलासपुर समेत कई इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी शिक्षकों के उत्कृष्ट कार्य का सम्मान, छत्तीसगढ़ के 64 शिक्षकों को राज्यपाल करेंगे सम्मानित दर्दनाक सड़क हादसा, पेड़ से टकराई बाइक; दो नाबालिगों की मौके पर मौत कर्ज वसूली के नाम पर बर्बरता, महिला और बेटे को बंधक बनाकर पीटा; निर्वस्त्र कर वीडियो बनाने का आरोप नर्मदा में 15 लोगों की जान पर बनी! पेट्रोलिंग बोट का इंजन बंद, तेज बहाव में डूबी नाव भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें धर्म, कर्तव्य और लोककल्याण के मार्ग पर चलने की देता है प्रेरणा - मुख्यम...
उत्तर प्रदेश

जब मन करे तब खोल रहे स्कूल, कटनी के शासकीय स्कूल प्रशासन की मनमानी, जानें पूरा मामला

कटनी मध्यप्रदेश| मध्यप्रदेश के शासकीय स्कूलों की हालत बद से बदतर होती जा रही है। इसका ताज़ा नमूना आज कटनी के गांव चाका के शासकीय हाई स्कूल में देखने को मिला है। यहां शिक्षकों की अनुशासनहीनता एक गंभीर समस्या बन गई है क्योंकि शिक्षक स्कूल देरी से पहुंच रहे है और स्कूल का ताला सुबह 11 बजे तक भी नहीं खुला था।

ताला न खुलने के कारण स्कूल के बच्चे गेट को कूदने का असफल प्रयास करते रहे। मिली जानकारी के अनुसार, यह अनुशासनहीनता इस स्कूल की आम बात बन चुकी है जहां बच्चों के पढाई के पीरियड्स भी सही से नहीं लगते है। इस अनुशासनहीनता का कारण ग्रामवासियों ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा स्कूलों का समय पर औचक निरीक्षण न करने को बताया है।

आवश्यक कार्रवाई के लिए दर-दर भटकते ग्रामीण

कटनी के चाका ग्रामवासी अब जिले के कलेक्टर से आस लगाए बैठे हैं कि वे इस मुद्दे पर ठोस कार्रवाई करें, ताकि सभी शासकीय स्कूलों के शिक्षक समय पर अपने स्कूलों में पहुंचें और नियमित रूप से शिक्षण कार्य करें। ग्रामीणों का मानना है कि यदि इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो शासकीय स्कूलों की हालत और भी बदतर हो जाएगी, और सरकारी शिक्षा व्यवस्था पर लोगों का भरोसा खत्म हो जाएगा। ग्रामवासियों ने मांग की है कि शिक्षा विभाग के अधिकारी नियमित रूप से स्कूलों का निरीक्षण करें और अनुशासनहीन शिक्षकों पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, उन्होंने सभी शिक्षकों से अपील की है कि वे समय पर स्कूल पहुंचकर बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करें। ग्रामीणों का मानना है कि यदि अधिकारी और शिक्षक मिलकर अपने कर्तव्यों का पालन करेंगे, तो शासकीय स्कूलों में भी उच्च गुणवत्ता की शिक्षा प्रदान की जा सकेगी।

सभी बड़े दावों के बावजूद स्कूलों का बुरा हाल

इसी साल जुलाई मे आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, साक्षरता अभियान में सुधार के संबंध में किए गए बड़े-बड़े दावों के बावजूद, मध्य प्रदेश में स्कूली शिक्षा की स्थिति गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है। ऐसा इसलिए क्योंकि स्कूलों में इस शैक्षणिक वर्ष में 400 सरकारी स्कूलों ने इस वर्ष कक्षा 1 से कक्षा 10 तक शून्य नामांकन दर्ज किया गया है। यही अगर बात प्रदेश के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों के स्कूलों की बात करे तो स्थिति और गंभीर है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button