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दुर्ग

शिवनाथ नदी में 2 लाख 4 हजार 346 क्यूसेक जल प्रवाह

दुर्ग | विगत 9 सितम्बर की रात से हो रही अत्यधिक वर्षा के कारण मोगरा से 1 लाख 13 हजार 878 क्यूसेक, खट्टोला से 20 हजार 208 क्यूसेक, घुमरिया से 26 हजार 260 क्यूसेक और सूखा नाला से 44 हजार क्यूसेक जल छोड़ा गया है। इन सभी स्थानों  से आने वाला जल प्रवाह शिवनाथ नदी में मिल रहा है, जिसके परिणाम स्वरूप महमरा एनीकट का जलस्तर 10 फीट तक ऊपर पहुंच चुका है, रात तक शिवनाथ नदी के जल स्तर में और वृद्धि होगी।

महापौर धीरज बाकलीवाल एवं आयुक्त लोकेश चन्द्राकर के निर्देश पर दुर्ग नगर निगम क्षेत्र में शिवनाथ नदी एवं शिवनाथ नाले के समीप डूबान क्षेत्र में निवासरत लोगों को सूचित किया जाता है कि लगातार भूसलाधार बारिश होने एवं आसपास के जलाशयों से पानी छोड़े जाने से दुर्ग में बाढ़ की स्थिति निर्मित हो सकती है। डुबान क्षेत्र के निवासी बाढ़ के लिए सचेत रहें तथा सुरक्षित स्थान  हेतु आस पास के स्कूलों एवं अन्य सार्वजनिक जगह पर अपना स्थान सुरक्षित कर लें।

उक्त जानकारी देते हुए शिवनाथ जलसंसाधन मण्डल दुर्ग के अधीक्षण अभियंता एस.के. पाण्डेय ने बताया कि कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी के निर्देशानुसार नदी किनारे शहर में मुनादी कराया जा रहा है।और नदी के किनारे नहीं जाने हेतु कहा गया है। जल प्रवाह को ध्यान में रखते हुए जल संसाधन विभाग ने सभी संबंधित विभागों से उचित कदम उठाने का अनुरोध किया है। विभाग द्वारा जल प्रबंधन एवं सुरक्षा के सभी आवश्यक उपाय पहले से सुनिश्चित कर लिये गये हैं ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटा जा सके।

वर्तमान में शिवनाथ नदी से कुल जल प्रवाह 2 लाख 4 हजार 346 क्यूसेक हो रहा है। अत्यधिक वर्षा के कारण तांदुला नहर से खरीफ सिंचाई हेतु दी जा रही जल प्रदाय को बंद कर दिया गया है। वर्तमान में जल भराव की स्थिति तांदुला जलाशय 83.49 प्रतिशत, गोंदली जलाशय 60.27 प्रतिशत, खरखरा जलाशय 104.38 प्रतिशत, खपरी जलाशय 75.19 प्रतिशत और मरोदा टैंक 41.58 प्रतिशत है।

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