ब्रेकिंग
अफीम की अवैध खेती पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का कड़ा रुख प्रशिक्षु न्यायाधीश लोकतंत्र के तीसरे स्तंभ के रूप में निभाएंगे महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री श्री... बिजली उपभोक्ताओं की पीड़ा को दूर करेगी समाधान योजना : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पटरीपार सिकोला भाटा सब्जी मार्केट में निगम की बड़ी कार्रवाई, नाली के ऊपर बने 35 से अधिक अवैध निर्माण... छत्तीसगढ़ में घरेलू एलपीजी गैस एवं डीजल-पेट्रोल का पर्याप्त स्टॉक, आपूर्ति व्यवस्था पर सतत निगरानी क... कबीरधाम में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए शुरू होगी बड़ी मुहिम नगरपालिकाओं एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के आम / उप निर्वाचन 2026 हेतु निर्वाचक नामावली कार्यक्रम जारी मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (SCR) की पहली बैठक आयोजित प्रतिबंधित प्लास्टिक के खिलाफ निगम की सख्त कार्रवाई, कई दुकानों से डिस्पोजल गिलास व झिल्ली पन्नी जब्... राज्यपाल ने संत शदाराम साहिब भाषा भवन का किया शिलान्यास
दुर्ग

स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने पकड़ी आत्मनिर्भर बनने की नई राह

दुर्ग |  शासन द्वारा संचालित दीनदयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के माध्यम से नगर पालिक निगम भिलाई चरौदा के वार्ड नंबर 40 गनियारी पटेल पारा की महिलाओं ने जय माँ शाकाम्भरी स्व

सहायता समूह के माध्यम से आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की राह पकड़ ली। समूह में पन्द्रह महिला सदस्य है।

महिला समूह के सदस्यों ने शुरूआत से ही स्वंय की सहायता हेतु बचत कर अपने समूह को सशक्त बनाने का प्रण लिया था। महिलाएं अपनी मेहनत और लगन से आत्मनिर्भर बन चुकी है।

प्रारंभ में महिलाओं ने प्रति सदस्य 100 रूपए के आधार पर 1500 रूपए हर महीने बैंक में जमा करना प्रारंभ किया, जिसके उपरांत समूह को केन्द्र शासन की महत्वपूर्ण योजना दीनदयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन अंतर्गत 10 हजार रूपए आवर्ति निधि प्रदान की गई।

समूह की महिलाओं ने संकलित जमा राशि से और बैंक लिंकेज के माध्यम से एच.डी.एफ.सी. बैंक भिलाई-3 से 50 हजार रूपए ऋण प्राप्त करके 40 डिसमिल जमीन में सब्जी उत्पादन का कार्य प्रारंभ किये।

समूह की महिलाएं उत्पादित सब्जी को गांव के सप्ताहिकी और आस-पास के बाजारों में बेचकर 15 से 18 हजार रूपए तक की आदमनी अर्जित करने लगे हैं।

सब्जी की खेती से समूह की महिलाओं को रोजगार मिला है। साथ ही बैंक ऋण चुकाते हुए उनकी इस उपलब्धि से समूह आर्थिक रूप से स्वावलंबी हो गया है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button