ब्रेकिंग
राहुल गांधी के विरोध में भाजपा का कांग्रेस कार्यालय घेराव, कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल बोले— लोकतंत... पुलिस कमिश्नर डॉ संजीव शुक्ला ने अस्पताल पहुंचकर घायल पुलिस जवानों का जाना हाल Raipur Central Jail Bail: जेल से बाहर आते ही अमित बघेल ने भरी हुंकार, 2028 चुनाव पर किया बड़ा ऐलान स्वास्थ्य कर्मचारी संघ का जिला अस्पताल से कलेक्ट्रेट तक मार्च, मांगों को लेकर सरकार के नाम सौंपा ज्ञ... साड़ी की जिद बनी मौत की वजह! पत्नी ने पति को उतारा मौत के घाट CM साय से लघु उद्योग भारती की मुलाकात, इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर की तैयारियों पर हुई अहम चर्चा Sai Cabinet Meeting Today: आज साय सरकार ले सकती है बड़े फैसले, किसानों के लिए हो सकता है बड़ा ऐलान लोक कर्म विभाग की समीक्षा बैठक में विकास कार्यों की प्रगति पर सख्त नजर, समय-सीमा में कार्य पूर्ण करन... भव्य सावन मेले की तैयारियों ने पकड़ी रफ्तार, सांस्कृतिक समिति की बैठक में बनी कार्ययोजना, छत्तीसगढ़ में मेहरबान हुआ मानसून, रायपुर समेत कई जिलों में बारिश; मौसम विभाग का ऑरेंज-येलो अलर्ट
रायपुर

विधायक भावना बोहरा ने विधानसभा में उठाए कई अहम मुद्दे, पत्रकारों की सुरक्षा और मछली पालन पर किए सवाल

रायपुर। पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने आज विधानसभा में प्रदेश के पत्रकारों की सुरक्षा, शिक्षा, और मछली पालन से संबंधित अहम मुद्दों पर प्रश्न उठाए।

उन्होंने बस्तर संभाग के बीजापुर जिले के दिवंगत पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या के बाद प्रदेश में पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर सरकार से सवाल किए। साथ ही, उन्होंने प्रदेश में शिक्षा की स्थिति और मछली पालन को प्रोत्साहित करने के लिए संचालित योजनाओं पर भी चर्चा की।

पत्रकारों की सुरक्षा पर सवाल
विधायक भावना बोहरा ने बस्तर संभाग (बीजापुर) के दिवंगत पत्रकार मुकेश चंद्राकर की निर्मम हत्या के बाद प्रदेश के पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि इस मुद्दे पर सरकार की क्या नीति है और यदि कोई पंजीकृत पत्रकार किसी दुर्घटना का शिकार होता है तो मुआवजे और इलाज के क्या प्रावधान हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने लिखित उत्तर देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ मीडिया कर्मी सुरक्षा अधिनियम-2023 कानून प्रक्रियाधीन है। इसके अलावा, छत्तीसगढ़ संचार प्रतिनिधि कल्याण सहायता नियम-2019 के तहत पत्रकारों और उनके परिवारों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए 10 हजार से 2 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाती है। असमायिक मृत्यु की स्थिति में 5 लाख रुपये तक मुआवजा दिया जाता है।

शिक्षा प्रणाली पर सवाल
भावना बोहरा ने स्कूल शिक्षा से संबंधित सवाल उठाते हुए पूछा कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रदेश में कितने नए स्कूल स्वीकृत हुए हैं और छत्तीसगढ़ राज्य की शिक्षा प्रणाली की स्थिति क्या है। उन्होंने प्रदेश के ड्रॉपआउट रेट के बारे में भी सवाल किया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष में प्रदेश में 16 नई प्राथमिक स्कूलों को स्वीकृति दी गई है। नीति आयोग के अनुसार, छत्तीसगढ़ राज्य स्कूल शिक्षा में “आकांक्षी एक” श्रेणी में आता है। ड्रॉपआउट दर के बारे में उन्होंने बताया कि प्राथमिक स्तर पर 1.8%, उच्च प्राथमिक स्तर पर 5.3% और हाईस्कूल स्तर पर 16.3% ड्रॉपआउट दर है।

मछली पालन को लेकर योजनाएं
विधायक ने मछली पालन से जुड़ी योजनाओं के बारे में भी सवाल किया। उन्होंने कबीरधाम जिले में अनुसूचित जाति और जनजाति के किसानों को मछली पालन के लिए दिए गए अनुदान पर भी सवाल उठाए।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चला रही है, जिनमें प्रशिक्षण, बीज संवर्धन योजना, मछली विक्रय योजना, और प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना शामिल हैं।

कबीरधाम जिले में अनुसूचित जाति के 96 किसानों और अनुसूचित जनजाति के 253 किसानों को 186.2 लाख रुपये का अनुदान दिया गया है। इसके अलावा, मछली पालन के विभिन्न उपकरणों और सुविधाओं के लिए भी अनुदान और सहायता दी जा रही है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Slot Site
Back to top button