ब्रेकिंग
शहर के विभिन्न वार्डों में विकास कार्यों की सौगात, महापौर ने किया भूमिपूजन उत्तर भारत प्राकृतिक अध्ययन हाईक के लिए दुर्ग से 5 सदस्यीय स्काउटर-गाइडर दल रवाना छत्तीसगढ राज्य की अन्य पिछ़ड़ा वर्ग की केन्द्रीय सूची में अहीर‘‘ के उपरांत ‘‘ रावत‘‘ एवं अंग्रे... जमीन सौदे में बड़ा फर्जीवाड़ा, 25 लाख से अधिक की धोखाधड़ी के आरोप में दो पर FIR विकास कार्यों की सौगात: महापौर ने तीन वार्डों में सड़क, नाली और पुलिया निर्माण कार्यों का किया भूमिप... अब कम होगा ईंधन खर्च! भारत में आया E85 फ्लेक्स फ्यूल, जेब पर पड़ेगा कम बोझ सिर्फ 15 साल की उम्र में टीम इंडिया का टिकट, वैभव सूर्यवंशी ने रचा नया कीर्तिमान केशकाल घाट फोरलेन बायपास निर्माण में ढिलाई पर नाराज हुए अरुण साव, समय पर काम पूरा करने के निर्देश महंगाई भत्ते की मांग को लेकर 10 जून को प्रदर्शन, कर्मचारियों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचने की अपील मंत्री गजेन्द्र यादव से मिलीं महिला मोर्चा की नवनियुक्त पदाधिकारी, जताया आभार
छत्तीसगढ़सूरजपुर

जिले में धान उपार्जन वर्ष 2025-26 की ऐतिहासिक और सुव्यवस्थित शुरुआत

 सौरभ साहू की रिपोर्ट :-

सूरजपुर | शासन के मंशानुरूप जिले में कलेक्टर श्री एस. जयवर्धन के निर्देशन में धान खरीदी कार्य सुचारू एवं पारदर्शी रूप से जारी है। जिले के कुल 54 धान उपार्जन केंद्रों में खरीदी शुरू हो चुकी है। इनमें चंदरपुर समिति से अब तक 246 क्विंटल धान की खरीदी की जा चुकी है। जिले में इस वर्ष 63,819 किसानों का पंजीयन हो चुका है, जिनका कुल रकबा 73,192.9780 हेक्टेयर है। इनमें से 4,179 किसान नए पंजीकृत हुए हैं।

तुहर टोकन मोबाइल ऐप से घर बैठे मिल रहा धान बिक्री का टोकन खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा जारी ‘तुहर टोकन मोबाइल ऐप’ किसानों के बीच अत्यंत लोकप्रिय हो रहा है। इस ऐप से किसान घर बैठे टोकन ले पा रहे हैं। यह ऐप गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है। इसमें आधार आधारित ओटीपी से तुरंत पंजीकरण किया जा रहा है।

इसके अंतर्गत प्रतिदिन सुबह 8 बजे से टोकन आवेदन की सुविधा है। ऐप से धान खरीदी प्रक्रिया सुगम, पारदर्शी और निष्पक्ष बनी है। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष धान खरीदी 15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक की जाएगी।
किसान खुशकृ“सुगमता से धान बेच पा रहे हैं”

किसानों ने बताया कि मोबाइल ऐप के माध्यम से टोकन आसानी से मिल रहा है,धान विक्रय प्रक्रिया तेज हुई है। उपार्जन केंद्रों में अच्छी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। उपार्जन केंद्रों में पर्याप्त बारदाना, तौल मशीन,हमाल, बैठने की व्यवस्था जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के किसान हितैषी निर्णय से किसान प्रभावित है। 3100 रुपये प्रति क्विंटल धान खरीदी,प्रति एकड़ 21 क्विंटल खरीदी सीमा को लेकर किसानों में व्यापक संतोष देखा जा रहा है। ये निर्णय कृषि को अधिक लाभदायक बना रहे हैं।

इसके अलावा धान खरीदी में गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु उच्च गुणवत्ता वाली मोइश्चराइज़र मशीनें लगाई गई हैं। प्रशासन द्वारा 17ः नमी मानक का कड़ाई से पालन कराया जा रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसानों के प्रत्येक दाने की सुरक्षा और उचित भुगतान उनकी सर्वाेच्च प्राथमिकता है।

अधिकारियों ने बताया कि टोकन, तौल, परिवहन और भुगतान सभी कार्य पारदर्शी, मानकीकृत, समयबद्ध, निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुसार किए जाएंगे।
जिला प्रशासन द्वारा किसानों से अपील की गई है कि वे निर्धारित तिथि,समय-सारणी और गुणवत्ता मानकों का पालन करते हुए धान उपार्जन केंद्रों में धान लेकर आएँ।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Slot Site
Back to top button