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छत्तीसगढ़

पंचायतों के कार्यों में गुणवत्ता हो सर्वाेच्च प्राथमिकता : उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

वीबी जीरामजी के प्रभावी क्रियान्वयन पर जिला पंचायत सीईओ से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा

रायपुर : उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  विजय शर्मा ने कहा ग्रामीण विकास से जुड़े सभी कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को कमर कसकर अगले आठ महीनों में निर्धारित सभी लक्ष्यों को तेजी और गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए।  शर्मा शुक्रवार को वीबी जीरामजी योजना एवं पंचायत विभाग के विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा के लिए आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में प्रदेश के सभी जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारियों (सीईओ) से जुड़े। ’जिला पंचायत सीईओ को विकासखंडों का करें नियमित भ्रमण’ उप मुख्यमंत्री ने सभी जिला पंचायत सीईओ को अपने-अपने विकासखंडों का नियमित भ्रमण करने, निर्माण कार्यों की सतत निगरानी रखने तथा आमजन की शिकायतों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए मैदानी स्तर पर सक्रियता और जवाबदेही आवश्यक है। ’मुक्तिधाम एवं इंजेक्शन वेल का प्राथमिकता से करें निर्माण’ उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने प्रदेश के सभी स्कूलों में बालिकाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण शौचालयों का निर्माण शीघ्र पूर्ण कर शत-प्रतिशत संतृप्तता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही जिन ग्रामों में मुक्तिधाम उपलब्ध नहीं हैं, वहां प्राथमिकता के आधार पर मुक्तिधाम निर्माण कराने तथा अनुपयोगी एवं खराब पड़े बोरवेलों को इंटक वेल के रूप में विकसित कर जल संरक्षण को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। ’वीबी जीरामजी के कार्यों में पारदर्शिता एवं एसओपी का हो पालन’ वीबी जीरामजी योजना की समीक्षा करते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के क्रियान्वयन में स्थानीय समुदाय, वरिष्ठ नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिक से अधिक श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने, विभिन्न योजनाओं के अभिसरण के माध्यम से विकास कार्यों को गति देने तथा सभी कार्यों में पूर्ण पारदर्शिता रखते हुए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वीबी जीरामजी योजना का लाभ तेजी से प्रत्येक ग्राम तक पहुंचना चाहिए।  उन्होंने वीबी जीरामजी के अंतर्गत धान खरीदी केंद्र में चबूतरों, आंगनबाड़ी केंद्रों, पीएम  विद्यालयों, पोटा केबिनों एवं अन्य विद्यालयों में अतिरिक्त कक्षों के निर्माण, धरसा विकास तथा शौचालय निर्माण जैसे जनहितकारी कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण कराने के निर्देश दिए। ’गरीब परिवारों के आवास निर्माण में बाधा उत्पन्न करने पर दण्डात्मक कार्रवाई’ प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की समीक्षा करते हुए  शर्मा ने सभी निर्माण कार्यों की समयबद्ध जियो-टैगिंग कराने तथा नियमित समीक्षा सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि गरीब परिवारों के आवास निर्माण में यदि कोई व्यक्ति या अधिकारी अनावश्यक बाधा उत्पन्न करता है, तो उसके विरुद्ध कड़ी दण्डात्मक कार्रवाई की जाए। ’जिम्मेदारी, पारदर्शिता, संवेदनशीलता के साथ अधिकारी करें कार्य’ उप मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण विकास योजनाओं का उद्देश्य केवल निर्माण कार्य कराना नहीं, बल्कि गांवों में स्थायी और गुणवत्तापूर्ण विकास सुनिश्चित करना है। इसके लिए प्रत्येक अधिकारी पूरी जिम्मेदारी, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करें, ताकि शासन की योजनाओं का लाभ समय पर आम नागरिकों तक पहुंचे। उन्होंने सभी जिला पंचायत भवनों को सौर ऊर्जा से जोड़ने के लिए निर्देश दिए और जिन जिला पंचायतों में सौर ऊर्जा स्थापनाएं नहीं है वहां स्थापना करवाने तथा इसके मेंटेनेंस के लिए एनआरएलएम की दीदियों को प्रशिक्षित कर कार्य प्रदान करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव  ऋचा शर्मा, सचिव  भीम सिंह, सचिव  धर्मेश साहू, प्रधानमंत्री आवास योजना के संचालक  तारन प्रकाश सिन्हा, संचालक एनआरएलएम  अश्वनी देवांगन, संचालक पंचायत  प्रियंका ऋषि महोबिया सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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