गैस सिलेंडर बुकिंग पर बड़ा बदलाव, गांव और शहर में अब एक ही नियम लागू

रायपुर। केंद्र सरकार ने ग्रामीण इलाकों में रसोई गैस सिलेंडर की बुकिंग को लेकर उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी है। सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में लागू 45 दिनों के अनिवार्य बुकिंग अंतर के नियम को खत्म कर दिया है। अब ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के उपभोक्ताओं के लिए रिफिल बुकिंग का नियम एक समान होगा। नए नियम के तहत 25 दिन पूरे होने के बाद उपभोक्ता अगले LPG सिलेंडर की बुकिंग करा सकेंगे।
केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी ने इस फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि सभी पेट्रोलियम कंपनियों को नए नियम को तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। आपूर्ति व्यवस्था में सुधार और लंबित ऑर्डर कम होने के बाद सरकार ने ग्रामीण उपभोक्ताओं को यह राहत दी है। इससे ग्रामीण परिवारों को पहले की तुलना में 20 दिन पहले ही अगला सिलेंडर बुक करने की सुविधा मिल जाएगी।
अंतरराष्ट्रीय तनाव के चलते लागू हुआ था 45 दिन का नियम
सरकार के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर LPG की सप्लाई प्रभावित हुई थी। आपूर्ति में आई दिक्कतों को देखते हुए मार्च 2026 में शहरी क्षेत्रों में दो सिलेंडरों के बीच 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन का अंतर निर्धारित किया गया था।
अब LPG की आपूर्ति व्यवस्था में सुधार होने और स्थिति सामान्य होने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों के लिए लागू 45 दिनों की पाबंदी को हटा दिया गया है। इससे ग्रामीण उपभोक्ताओं को अपनी जरूरत के अनुसार समय पर रिफिल बुक कराने में सुविधा होगी।
कमर्शियल LPG सिलेंडर हुआ महंगा
जहां घरेलू LPG उपभोक्ताओं को बुकिंग के मामले में राहत मिली है, वहीं व्यावसायिक LPG सिलेंडर के दाम में बढ़ोतरी की गई है। कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में 11.50 रुपये का इजाफा किया गया है। इसके अलावा 5 किलोग्राम वाले छोटे LPG सिलेंडर की कीमत भी 2 रुपये बढ़कर 764 रुपये हो गई है।
होटल और रेस्तरां पर बढ़ सकता है खर्च
कमर्शियल LPG सिलेंडर महंगा होने का असर होटल, रेस्तरां, ढाबे और कैटरिंग कारोबार पर पड़ सकता है। ईंधन की लागत बढ़ने से खान-पान से जुड़े कारोबारियों के खर्च में इजाफा होने की संभावना है। इसका असर आगे चलकर चाय, नाश्ता और अन्य खाद्य पदार्थों की कीमतों पर भी पड़ सकता है।
वहीं, आगामी शादी-ब्याह के सीजन में कैटरिंग और भोजन व्यवस्था की लागत बढ़ने से आयोजनों का बजट भी प्रभावित हो सकता है। इस तरह एक ओर घरेलू LPG उपभोक्ताओं को बुकिंग में राहत मिली है, तो दूसरी ओर व्यावसायिक गैस महंगी होने से कारोबारियों पर अतिरिक्त लागत का दबाव बढ़ा है।














