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कवर्धा

गरीबों के राशन पर संकट: राशन दुकानदारों का सामूहिक इस्तीफा, व्यवस्था पर मंडराया खतरा

कवर्धा | कवर्धा जिले के सभी 500 शासकीय राशन दुकानदारों ने शासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भारी प्रशासनिक दबाव के चलते कल से राशन दुकान बंद कर सभी 500 राशन दुकानदारों ने कलेक्टर के नाम प्रशासन को सामूहिक इस्तीफे की पेशकश किया है।

इनका आरोप है कि वर्ष 2020 से लेकर अब तक में लक्ष्य के अनुरूप बारदाना विपणन एवं सहकारी समिति में जमा किए हैं। लेकिन इन पांच सालों के भुगतान आज तक दुकानदारों को नहीं मिला है।

आरोप है कि राशन दुकानदार अप्रैल से सितंबर तक बारदाना दुकान से उठाने बार बार जिम्मेदार को आवेदन करते रहे, पर उठाव नहीं किया गया। जबकि राशन दुकान की छमता बारदाना को सुरक्षित रखने की नहीं है।

संघ का कहना है कि 50 रुपया प्रति बारदाना की मान से दुकानदार से वसूली करना कबीरधाम जिला के इतिहास में आज तक कभी नहीं हो सका है और पंडरिया ब्लॉक में कुल 149 दुकान हैं, जिसमें 100 से ज्यादा को नोटिस जारी कर बार बार कार्यवाही की चेतावनी देकर दुकानदार पर मानसिक आर्थिक दबाव लगातार बनाया जा रहा है।

इससे राशन दुकानदार सामूहिक इस्तीफा दे रहे हैं। वहीं मौके पर कोई भी जिम्मेदार अधिकारी नहीं होने के कारण दुकानदारों ने अपने सामूहिक इस्तीफे की पत्र को कलेक्ट्रेट के आवक-जावक शाखा में छोड़कर वापस लौट गए।

अब देखना होगा कि प्रशासन इस समस्या का समाधान क्या निकालता है या फिर गरीबों के राशन पर खतरा मंडराता रहेगा।

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