पत्नी को जिंदा जलाने वाले पति और परिवार को कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा

दुर्ग। दुर्ग कोर्ट ने मठपारा, जामुल निवासी इंद्रजीत दुबे और उसके परिवार को पत्नी रंजीता दुबे की हत्या के आरोप में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश यशवंत कुमार सारथी की अदालत ने इस मामले में आरोपी पति, ससुर, और देवरों को दोषी ठहराते हुए यह फैसला सुनाया।
पीड़िता की आपबीती:
रंजीता दुबे ने अपने बयान में बताया था कि उसका पति इंद्रजीत दुबे आदतन शराबी था और अक्सर उसके साथ मारपीट करता था।
घटना 31 अगस्त 2021 की है, जब इंद्रजीत शराब के नशे में घर आया और रंजीता के साथ मारपीट करने लगा।
मारपीट के दौरान, इंद्रजीत ने मिट्टीतेल डालकर रंजीता को आग के हवाले कर दिया। इस घटना के दौरान रंजीता के ससुर, जेठ और देवर मौजूद थे, लेकिन उन्होंने उसे बचाने का कोई प्रयास नहीं किया।
अदालती फैसला
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 302 (हत्या), 498ए (घरेलू हिंसा), और 34 (सामूहिक आपराधिक कृत्य) के तहत मामला दर्ज किया।
अदालत ने पति इंद्रजीत दुबे, उसके पिता योगेश दुबे, और भाइयों भूपेंद्र दुबे व फनेंद्र दुबे को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
साथ ही, प्रत्येक आरोपी पर 2-2 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया।
न्यायिक कार्रवाई का महत्व
यह फैसला महिलाओं के खिलाफ हिंसा और घरेलू प्रताड़ना के खिलाफ एक सख्त संदेश है।
अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि ऐसी अमानवीय घटनाओं को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
यह मामला उन महिलाओं के लिए प्रेरणा है, जो घरेलू हिंसा के खिलाफ आवाज उठाने से डरती हैं।
मृतका के परिवार ने इस फैसले को न्याय की जीत करार दिया और कहा कि उनकी बेटी को न्याय मिलने से उसकी आत्मा को शांति मिलेगी।














