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महाविद्यालय द्वारा प्रेषित आंकड़ों पर ही उच्चशिक्षा की दशा एवं दिशा होती है निर्धारित- कुलपति एवं संभागायुक्त राठौर

दुर्ग | हेमचंद यादव विश्वविद्यालय द्वारा आज साईंस कॉलेज दुर्ग के सभागार में महाविद्यालय के प्राचार्य तथा नोडल अधिकारियों को ऑल इंडिया सर्वे ऑन हायर एजुकेशन (एआईएसएचई) पोर्टल में प्रोफार्मा भरने के संबंध में एक दिवसीय  कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला हेमचंद यादव विश्वविद्यालय के कुलपति एवं संभागायुक्त सत्य नारायण राठौर के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुआ।
हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग के कुलपति एवं संभागायुक्त सत्यनारायण राठौर ने आज शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय के राधाकृष्णन सभागार में महाविद्यालयों के प्राचार्य तथा नोडल अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि महाविद्यालय द्वारा प्रेषित आंकड़ों पर ही उच्चशिक्षा की दशा एवं दिशा निर्धारित होती है।

महाविद्यालयों को ऑल इंडिया सर्व ऑफ हायर एजुकेशन के सर्वे प्रोफार्मा को भरते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। उन्होंने  कहा कि ऑल इंडिया सर्वे ऑन हायर एजुकेशन के डीसीएस फार्मेट को भरने के दौरान छात्र संख्या, प्राध्यापकों की संख्या तथा परीक्षा परिणाम के आंकडे़ भरने में विशेष सावधानी की आवश्यकता इसलिए है क्योंकि इसी के आधार पर छात्र-छात्राओं को विभिन्न श्रेणियों के छात्रवृत्तियों की राशि एवं संख्या का निर्धारण राज्य सरकार करती है।

कार्यशाला में संचालक साईंस कालेज के सहायक प्राध्यापक डॉ. प्रशांत श्रीवास्तव ने कार्यशाला की प्रासंगिकता एवं उससे होने वाले लाभ पर विस्तार से प्रकाश डाला। विश्वविद्यालय के कुलसचिव भूपेन्द्र कुलदीप ने अपने संबोधन में विभिन्न महाविद्यालयों से आए प्रतिभागियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि डीसीएफ फार्मेट में किस तिथि की जानकारी प्रदान करनी है, यह जानना महत्वपूर्ण है।

कुलदीप ने बताया कि इस वर्ष जो जानकारी भरी जाएगी, वह पिछले समाप्त हुए अकादमिक वर्ष अर्थात 2023-24 की होगी। साईस कालेज दुर्ग के प्राचार्य डॉ. अजय कुमार सिंह ने हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग द्वारा आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला की नितांत आवश्यकता बताते हुए

कहा कि गतवर्ष कुछ महाविद्यालयों ने डीसीएफ फार्मेट नहीं भरा था, जिसके कारण हमारे छत्तीसगढ़ का जीईआर घट गया था। इस वर्ष समस्त महाविद्यालय बहुत ही ध्यानपूर्वक इस जानकारी कि प्रविष्टि करें। उद्घाटन समारोह के अंत में धन्यवाद ज्ञापन विश्वविद्यालय के नोडल अधिकारी हिमांशु शेखर मंडावी ने किया।

कार्यशाला के रिसोर्स पर्सन शासकीय आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम मॉडल कालेज धनोरा के सहायक प्राध्यापक विकास पंचाक्षरी ने पावर प्वाइंट प्रस्तुतिकरण के माध्यम से डीसीएफ फार्मेंट को प्रारंभ से लेकर अंत तक भरे जाने की विस्तार से जानकारी दी।

पंचाक्षरी ने 150 से अधिक महाविद्यालयों के प्राध्यापक प्रतिभागियों के प्रश्नों के उत्तर भी दिए। उन्होंने बताया कि वर्तमान में भरे जाने वाले फार्मेट में विद्यार्थियों की प्रवेश संख्या तथा परीक्षा परिणाम की सत्र 2023-24 की प्रविष्टि करनी है।

प्राध्यापकों के आंकड़ों को 31 दिसम्बर 2023 की स्थिति में प्रदर्शित किया जाना है। वर्तमान में हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग से सम्बद्ध 160 महाविद्यालयों में से लगभग 50 प्रतिशत से अधिक महाविद्यालयों ने डीसीएफ फार्म भर चुका है। उन्होंने समस्त महाविद्यालयों के प्राध्यापकों को शीघ्र जानकारी भरे जाने का अनुरोध किया।

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