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रायपुर

CG तेंदूपत्ता घोटाला: रिमांड खत्म, डीएफओ अशोक पटेल फिर कोर्ट के सामने

रायपुर। तेंदूपत्ता बोनस घोटाले में गिरफ्तार निलंबित डीएफओ अशोक कुमार पटेल को तीन दिन की रिमांड खत्म होने के बाद शनिवार को रायपुर स्थित विशेष अदालत में पेश किया गया। 17 अप्रैल को गिरफ्तारी के बाद पटेल को 26 अप्रैल तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया था। आज कोर्ट में पेशी के दौरान मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष अदालत ने उनकी रिमांड बढ़ाने पर विचार करने का संकेत दिया है।

तेंदूपत्ता बोनस घोटाला वर्ष 2021 और 2022 के तेंदूपत्ता सीजन से जुड़ा है। आरोप है कि सुकमा वन मंडल के मजदूरों को मिलने वाली लगभग 7 करोड़ रुपये की बोनस राशि में भारी गड़बड़ी की गई। मजदूरों को उनके हिस्से की रकम नहीं दी गई और अधिकारियों ने आपसी साठगांठ कर बड़ी रकम हड़प ली।

आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) और भ्रष्टाचार निवारण ब्यूरो (ACB) ने 8 अप्रैल 2025 को इस घोटाले में एफआईआर दर्ज की थी। 10 अप्रैल को अशोक पटेल और उनके सहयोगियों के ठिकानों पर छापेमारी की गई थी, जिसमें कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल सबूत जब्त किए गए।

यह मामला इसलिए भी बेहद संवेदनशील माना जा रहा है क्योंकि साय सरकार के गठन के बाद पहली बार किसी आईएफएस अधिकारी की गिरफ्तारी हुई है। इस घटना ने पूरे प्रशासनिक तंत्र में हलचल मचा दी है और विभिन्न विभागों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।

EOW और ACB की टीमों ने बताया कि पूछताछ के दौरान कई और नाम भी सामने आ रहे हैं, जिनकी भूमिका की गहन जांच की जा रही है। संभावना है कि इस घोटाले में अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल हैं, जिन पर जल्द कार्रवाई हो सकती है।

गौरतलब है कि तेंदूपत्ता संग्राहक मजदूर समाज के बेहद गरीब तबके से आते हैं और बोनस की यह राशि उनके जीवनयापन का महत्वपूर्ण साधन है। इस घोटाले ने न सिर्फ मजदूरों के हक को छीना, बल्कि सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता पर भी गहरी चोट पहुंचाई है।

फिलहाल जांच एजेंसियां पटेल से और पूछताछ कर मामले से जुड़े अन्य पहलुओं को उजागर करने में जुटी हुई हैं।

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