छत्तीसगढ़ में शुरू हुआ क्राफ्ट बीयर का नया दौर, रेस्टोरेंट में बनेगी और गिलास में सर्व होगी

रायपुर | छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश में शराब नीति के क्षेत्र में नई क्रांति की शुरुआत करते हुए क्राफ्ट बीयर के निर्माण और बिक्री के लिए नई माइक्रोब्रेवरी नीति 2025 लागू कर दी है। इसके तहत अब रेस्टोरेंट और होटलों में ताज़ा बीयर का निर्माण और परोसने की अनुमति दी गई है।
क्या है माइक्रोब्रेवरी?
माइक्रोब्रेवरी एक छोटे स्तर की बीयर निर्माण इकाई होती है, जिसमें सीमित मात्रा में ताज़ा बीयर तैयार की जाती है। यह बीयर आमतौर पर उसी परिसर में स्थित रेस्टोरेंट या पब में सीधे गिलास में सर्व की जाती है, और इसका स्वाद पारंपरिक बीयर की तुलना में अधिक प्रीमियम व विविधतापूर्ण होता है।
नीति की प्रमुख बातें:
25 लाख की एकमुश्त फीस में मिलेगा लाइसेंस
लाइसेंस रेस्टोरेंट या होटल परिसर में ही वैध रहेगा
बोतल या केन में भरकर बिक्री/होम डिलीवरी की अनुमति नहीं
बीयर को गन्ने के रस या नींबू पानी की तरह गिलास में सर्व किया जाएगा
रेस्टोरेंट, पर्यटन और F&B स्टार्टअप को मिलेगा प्रोत्साहन
राज्य में पहली बार लागू हुई नीति
अब तक क्राफ्ट बीयर का आनंद केवल दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में सीमित था, लेकिन अब छत्तीसगढ़ जैसे उभरते राज्य में भी यह सुविधा उपलब्ध होगी। इससे प्रदेश में पर्यटन, रोजगार और निवेश के नए अवसर खुलेंगे।














