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ऑपरेशन तलाश की बड़ी सफलता: वर्षों से लापता 223 लोग मिले, 22 साल बाद अपनों से मिला बेटा

भिलाई। छत्तीसगढ़ पुलिस के ऑपरेशन तलाश अभियान के तहत एक भावुक कर देने वाली सफलता सामने आई है। भिलाई से 22 साल पहले लापता हुआ एक बालक, जो अब एक वयस्क बन चुका है, अपने माता-पिता के पास सुरक्षित लौट आया है। 01 जून से 10 जून 2025 तक चले विशेष अभियान के दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों में कुल 223 लापता व्यक्तियों को खोजकर वापस लाया गया, जिनमें 151 महिलाएं और 72 पुरुष शामिल हैं।

इस अभियान के तहत थाना भिलाई भट्टी पुलिस ने वर्ष 2003 में लापता हुए राज किरण रेड्डी नामक बालक को दस्तयाब किया है।

क्या था मामला?

दिनांक 31 मई 2003 को प्रार्थी यादव राज रेड्डी (उम्र 42 वर्ष) ने थाना भिलाई भट्टी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनका 16 वर्षीय पुत्र राज किरण रेड्डी, जो दसवीं कक्षा का छात्र था, परीक्षा में कम अंक आने पर पिता की डांट से नाराज होकर 30 मई को दोपहर 12 बजे “ट्यूशन जा रहा हूं” कहकर निकला और वापस नहीं लौटा।

प्रथम चरण में गुम इंसान क्रमांक 10/2003 के तहत मामला दर्ज किया गया था। बालक के नाबालिग होने और कोई ठोस जानकारी न मिलने के कारण 2014 में धारा 363 भादंवि (अपहरण) के तहत अपराध क्रमांक 180/2014 दर्ज किया गया। इसके बाद लगातार प्रयासों के तहत पुलिस द्वारा स्टेशन, बाजार, सार्वजनिक स्थल, समाचार पत्र, दूरदर्शन और आकाशवाणी के माध्यम से जानकारी प्रसारित की गई, लेकिन सफलता नहीं मिली।

22 साल बाद चमत्कार

11 जून 2025 को पुलिस को सूत्रों से जानकारी मिली कि राज किरण रेड्डी, जो अब 38 वर्ष का हो चुका है, अपने माता-पिता के पास लौट आया है। सूचना मिलने पर भिलाई भट्टी थाना पुलिस ने युवक का बयान लेकर कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए उसे दस्तयाब किया।

पुलिस की सराहनीय भूमिका

इस पूरे मामले में थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार साहू, सउनि भारत चौधरी, और आरक्षक जी. जगमोहन की सतत मेहनत और समर्पण की विशेष भूमिका रही।

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