ब्रेकिंग
4.24 करोड़ के विज्ञापन पर घमासान, भूपेश सरकार के फैसले की जांच के संकेत कैबिनेट के बड़े निर्णय: नए विधेयकों और योजनाओं को स्वीकृति ईश्वर की अनमोल कृति हैं महिलाएं : अरुण साव पुरानी रंजिश में युवक पर धारदार हथियार से हमला, सुपेला पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार महापौर की अनोखी पहल,सड़क सुरक्षा का संदेश: महापौर द्वारा तीन अलग-अलग शादियों में पहुँचकर दूल्हा-दुल्... अवैध अफीम खेती प्रकरण से जुड़े व्यक्तियों के अवैध अतिक्रमण पर पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई – बुलडोजर... महिला दिवस पर महापौर अलका बाघमार ने नर्सिंग स्टाफ का किया सम्मान, हेलमेट भेंट कर दिया सुरक्षा का संद... छात्र समस्याओं पर एनएसयूआई का विरोध, समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी ग्रीष्म ऋतु में पेयजल समस्या निदान हेतु नोडल अधिकारी नियुक्त जिला सूरजपुर न्यायालय में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का भव्य आयोजन - नारी शक्ति का हुआ सम्मान
छत्तीसगढ़

डिजिटल अरेस्ट बनकर ठगे 1 करोड़, रायपुर साइबर पुलिस ने कंबोडिया गैंग को दबोचा

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में साइबर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कंबोडिया गैंग से जुड़े 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत की गई। आरोपी “डिजिटल अरेस्ट” के जरिए करोड़ों की ठगी करने के बाद अलग-अलग राज्यों में छिपे हुए थे। रायपुर रेंज आईजी अमरेश मिश्रा के निर्देश पर पुलिस की टीम ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में छापामार कार्रवाई कर इन्हें गिरफ्तार किया।

दो मामलों में 1 करोड़ की ठगी

पुलिस के अनुसार आरोपियों ने दो अलग-अलग मामलों में कुल 1 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की थी।

केस 1: प्रार्थी रामेश्वर प्रसाद देवांगन से आरोपियों ने खुद को CBI और RBI अधिकारी बताकर बात की। उन्होंने पीड़ित को झूठा मनी लॉन्ड्रिंग केस दिखाकर डराया और उसे 24 घंटे व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर जोड़े रखा। इस दौरान आरोपियों ने उससे 14 लाख रुपए हड़प लिए। मामला थाना पुरानी बस्ती में दर्ज हुआ।

केस 2: प्रार्थी संतोष दाबडघाव के साथ भी इसी तरह की ठगी हुई। आरोपियों ने खुद को दूरसंचार विभाग और मुंबई पुलिस का अधिकारी बताकर झूठा केस बताया और 24 घंटे “डिजिटल अरेस्ट” में रखा। इस दौरान उनसे 88 लाख रुपए ठग लिए गए।

कैसे पकड़े गए आरोपी?

पुलिस महानिरीक्षक अमरेश मिश्रा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए रायपुर साइबर थाना को तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण कर आरोपियों की पहचान व गिरफ्तारी का निर्देश दिया। जांच में आरोपियों की लोकेशन विभिन्न राज्यों में मिली, जिसके बाद पुलिस टीम को दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र भेजा गया।

गिरफ्तार आरोपी

  • मनीष पाराशर, 27 वर्ष, गोकुलपुरी, नॉर्थ ईस्ट दिल्ली
  • अर्जुन सिंह, 25 वर्ष, हाथरस, उत्तर प्रदेश
  • राहुल मर्कड, 40 वर्ष, अहमदनगर, महाराष्ट्र
  • आकाश तुषरानी, 33 वर्ष, उल्हासनगर, ठाणे, महाराष्ट्र

लखन जाटव, 36 वर्ष, उज्जैन, मध्य प्रदेश

इनमें से मनीष पाराशर और अर्जुन सिंह सीधे कॉल करने में शामिल थे, जबकि आकाश तुषरानी, राहुल मर्कड और लखन जाटव धोखाधड़ी से कमाई रकम को इधर-उधर करने में लगे थे। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button