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अबूझमाड़ में बीएसएफ ऑपरेशन: नक्सलियों के स्मारक पर पड़ता शांति का दबाव

कांकेर। नक्सलियों का 14 फीट ऊँचा शहीद स्मारक अब इतिहास बन गया। 47वीं बटालियन बीएसएफ, पाखंजुर के जवानों ने परतापुर थाना क्षेत्र के दुर्गम जंगलों में बनाए गए इस स्मारक को ध्वस्त कर बड़ी सफलता हासिल की।

जानकारी के मुताबिक, भारी बारिश और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद जवानों ने वालेर नदी और कई नालों को पार करते हुए गांव वाट्टेकल और परालमस्पी के गहरे जंगलों तक पहुँचकर यह ऑपरेशन अंजाम दिया। गश्त के दौरान उन्हें मृत नक्सली नागेश का बनाया स्मारक मिला, जिसे मौके पर ही उखाड़कर नष्ट कर दिया गया।

कमांडेंट विजेंद्र नाथ गांगोली ने बताया कि नक्सली अपने मारे गए साथियों की याद में स्मारक बनाते हैं ताकि स्थानीय युवाओं को बरगला कर संगठन से जोड़ सकें। ऐसे स्मारकों को तोड़ना नक्सलियों के हौसले कमजोर करने और इलाके में शांति बहाली के लिए बेहद आवश्यक है।

उन्होंने यह भी कहा कि बीएसएफ की तैनाती के बाद से अबूझमाड़ और आसपास के इलाकों से नक्सलवाद खत्म करने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। जवान न केवल जंगलों में अभियान चला रहे हैं बल्कि विकास कार्यों और स्थानीय लोगों की मदद में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। ग्रामीणों से इस अभियान को समर्थन और सराहना मिल रही है।

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