
दुर्ग। शहरवासियों के लिए आज का दिन विकास और धार्मिक आस्था—दोनों ही दृष्टियों से खास रहा। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने दुर्ग के प्रसिद्ध माता चण्डी मंदिर परिसर में 60 लाख रुपये की लागत से तैयार होने वाले डोमशेड, मंच और अहाता निर्माण परियोजना का भूमिपूजन किया। माता रानी के दर्शन के बाद मंत्री ने कहा कि यह मंदिर केवल पूजा का स्थान नहीं, बल्कि दुर्ग की सांस्कृतिक पहचान और आस्था का गर्वित प्रतीक है।
मंत्री यादव ने बताया कि प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचते हैं, इसलिए परिसर को सुविधाजनक, सुरक्षित और सुंदर बनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए इस धार्मिक स्थल को भव्य रूप में संरक्षित करने का संकल्प लिया गया है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि विधायक कार्यकाल के दौरान भी उन्होंने कई मंदिरों में डोमशेड निर्माण के लिए विधायक निधि प्रदान की थी।

अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों का विकास केवल निर्माण कार्य नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक वातावरण और आध्यात्मिक ऊर्जा को बढ़ावा देने का माध्यम है। स्वच्छ और व्यवस्थित देवस्थान समाज की संस्कृति को मजबूत आधार देते हैं।
भूमिपूजन कार्यक्रम में महापौर अलका बाघमार, सभापति श्याम शर्मा, पार्षद नरेन्द्र बंजारे, शशि द्वारिका, कार्यपालन अभियंता जे.के. मेश्राम, एसडीओ सी.के. सोने सहित अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।














