
दुर्ग: दुर्ग यातायात पुलिस द्वारा चलाया जा रहा ‘ऑपरेशन सुरक्षा’ लगातार प्रभावी साबित हो रहा है। सोमवार शाम बसंत टॉकीज क्षेत्र में सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल दो लोगों को यातायात पुलिस के जवानों ने तत्परता दिखाते हुए सुरक्षित अस्पताल पहुँचाया। शाम करीब 7:30 बजे सूचना मिलते ही पॉइंट-ड्यूटी पर तैनात टीम मौके पर पहुँची और घायलों को तत्काल विभागीय वाहन से लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल ले जाया गया, जहाँ दोनों का उपचार जारी है। तेज प्रतिक्रिया और त्वरित राहत ‘ऑपरेशन सुरक्षा’ की प्राथमिकताओं को दर्शाती है।

जिलेभर में कड़ी कार्रवाई: 575 चालानों से वसूले ₹82,550
सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 16 नवंबर को पूरे जिले में विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया गया। यातायात नियमों के उल्लंघन पर कुल 575 मामलों में कार्रवाई की गई, जिनमें ₹82,550 की राशि वसूली गई। प्रमुख कार्रवाइयाँ इस प्रकार रहीं—
बिना हेलमेट: 85 प्रकरण
- बिना सीट बेल्ट: 25 प्रकरण
- रैश ड्राइविंग: 15 प्रकरण
- नो-पार्किंग उल्लंघन: 22 प्रकरण
- अन्य प्रकरण: सम्मिलित
ड्रिंक एंड ड्राइव पर सख़्ती: 22 चालक गिरफ्तार, वाहन जप्त
- ऑपरेशन सुरक्षा के तहत शाम से देर रात तक विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। इसमें—
- 22 चालकों को नशे की हालत में वाहन चलाते पकड़ा गया।
- सभी वाहनों को जप्त कर आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
- यातायात पुलिस का कहना है कि गंभीर सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जिले में ज़ीरो टॉलरेंस नीति जारी रहेगी।
अभियान का उद्देश्य: सड़क सुरक्षा को नई मजबूती
- ओपरेशन सुरक्षा का मुख्य लक्ष्य—
- दुर्घटनाओं पर त्वरित राहत,
- प्रमुख स्थानों पर लगातार गश्त और सतर्कता,
- और नियम उल्लंघन पर कड़ी प्रवर्तन कार्रवाई
—के माध्यम से जिले में सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
दुर्ग पुलिस ने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा के लिए ऐसे अभियान आगे भी इसी तत्परता के साथ जारी रहेंगे।
जन अपील
- यातायात पुलिस ने नागरिकों से अपील की है—
- किसी भी दुर्घटना या संदिग्ध गतिविधि की सूचना 112 या यातायात नियंत्रण कक्ष को दें।
- हेलमेट और सीट बेल्ट का सदैव उपयोग करें।
- नशे की हालत में वाहन न चलाएँ।
- निर्धारित पार्किंग का पालन करें और नो-पार्किंग क्षेत्रों से बचें।
- सुरक्षित यातायात व्यवस्था में नागरिकों की सहभागिता सबसे महत्वपूर्ण है।














