छत्तीसगढ़ की सियासत गरमाई: वायरल वीडियो, SIR और नशे के मुद्दे पर दीपक बैज का भाजपा पर तीखा हमला

रायपुर। सोशल मीडिया पर भाजपा नेताओं से जुड़े कथित वायरल वीडियो को लेकर छत्तीसगढ़ की सियासत में नया विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस विधायक पुरंदर ने इसे एक सोची-समझी राजनीतिक साजिश करार देते हुए पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत सौंपी है और मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
इस पूरे घटनाक्रम पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा का कोई नेता मुख्यमंत्री से कोई मांग करता है, तो इसके लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराना पूरी तरह गलत है। सरकार भी भाजपा की है और मांग उठाने वाला भी भाजपा से जुड़ा व्यक्ति है, ऐसे में आरोप कांग्रेस पर मढ़ना तर्कसंगत नहीं है। बैज ने मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने की मांग भी की।
एसआईआर प्रक्रिया पर उठाए सवाल
वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भी दीपक बैज ने चुनाव आयोग से स्पष्टीकरण मांगा। उन्होंने कहा कि केवल मृत मतदाताओं के नाम ही नहीं, बल्कि बड़ी संख्या में अन्य लोगों के नाम भी सूची से हटाए जा रहे हैं, जिसकी जानकारी चुनाव आयोग को सार्वजनिक करनी चाहिए।
नशे के कारोबार को लेकर सरकार पर आरोप
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने छत्तीसगढ़ में बढ़ते नशे के कारोबार को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार खुद यह स्वीकार कर रही है कि पाकिस्तान से ड्रग्स और अन्य नशीले पदार्थों की सप्लाई हो रही है। युवाओं को रोजगार के अवसर नहीं मिलने से वे नशे की गिरफ्त में जा रहे हैं। बैज ने दावा किया कि प्रदेश को नशे का केंद्र बना दिया गया है और इसे रोकना गृहमंत्री की जिम्मेदारी है।
धर्म के नाम पर राजनीति का आरोप
कांकेर जिले के आमाबेड़ा की घटना का जिक्र करते हुए दीपक बैज ने कहा कि इससे पूरे प्रदेश में गलत संदेश गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा लंबे समय से समाज में नफरत का माहौल बनाने का प्रयास कर रही है और धर्म के नाम पर राजनीति कर ध्रुवीकरण के जरिए वोट बैंक साधा जा रहा है। इसके लिए भाजपा और राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया।














