ब्रेकिंग
भिलाई में दुर्ग पुलिस का तड़के कॉम्बिंग अभियान, किरायेदारों और संदिग्धों की हुई जांच दुर्ग के बांबे आवास उरला में 19 वर्षीय युवक की हत्या, वारदात के चंद घंटों में आरोपी गिरफ्तार दशहरा विवाद ने लिया हिंसक रूप, युवक पर चाकू से हमला करने वाला बालक गिरफ्तार पुलिस स्मृति दिवस पर प्रथम वाहिनी छसबल, भिलाई में शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि, पुलिस महानिरीक्... दुर्ग में स्टील प्लांट में दुर्घटना के बाद जे.डी. स्टील इंडस्ट्रीज के निदेशक और ठेकेदार के खिलाफ एफआ... पुलिस स्मृति दिवस पर नवागढ़ थाना प्रभारी टीआई श्री मनीकांत पाण्डेय सहित पुलिस स्टाफ का सम्मान जवाहर नगर में धूमधाम से मना दशहरा उत्सव, महापौर की उपस्थिति में रावण,के पुतले का दहन, दुर्ग में आज होगा ऐतिहासिक महाकन्या भोज, शोभायात्रा के बाद कन्याओं को कराया जाएगा भोज मां चंडिका मंदिर में नवरात्रि पर उमड़ी भक्तों की भारी भीड़, माता के दर्शन के लिए पहुंच रहे श्रद्धालु प्रेम प्रसंग के विवाद में युवती के मंगेतर पर जानलेवा हमला, मिर्च पाउडर डालकर धारदार हथियार से वार कर...
छत्तीसगढ़रायपुर

सीडी कांड में बड़ा मोड़: पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ फिर शुरू होगी कानूनी कार्रवाई

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। वर्ष 2017 के चर्चित अश्लील सीडी प्रकरण में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को बड़ी कानूनी राहत अब जाती नजर आ रही है। रायपुर की विशेष सीबीआई अदालत ने निचली अदालत के उस आदेश को निरस्त कर दिया है, जिसके तहत बघेल को इस मामले से मुक्त कर दिया गया था।

विशेष सीबीआई न्यायालय ने 24 जनवरी 2026 को दिए अपने फैसले में कहा कि वर्ष 2024 में मजिस्ट्रेट अदालत द्वारा दिया गया डिस्चार्ज आदेश विधि सम्मत नहीं था। अदालत के इस निर्णय के बाद अब भूपेश बघेल समेत मामले के सभी आरोपियों के खिलाफ फिर से मुकदमे की कार्यवाही शुरू होगी।

इस प्रकरण में अन्य आरोपितों—कैलाश मुरारका, विनोद वर्मा और विजय भाटिया—द्वारा दायर याचिकाओं को भी अदालत ने खारिज कर दिया है। इससे साफ हो गया है कि सभी आरोपियों को अब ट्रायल का सामना करना पड़ेगा।

मामला अक्टूबर 2017 का है, जब तत्कालीन भाजपा सरकार के पीडब्ल्यूडी मंत्री राजेश मूणत से जुड़ी कथित आपत्तिजनक सीडी सामने आई थी। उस वक्त प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रहे भूपेश बघेल पर आरोप लगा था कि उन्होंने इस सीडी के वितरण और पूरे प्रकरण की साजिश में भूमिका निभाई। इसी मामले में वरिष्ठ पत्रकार और बघेल के तत्कालीन मीडिया सलाहकार विनोद वर्मा की गिरफ्तारी हुई थी, जिनके पास से बड़ी संख्या में सीडी मिलने का दावा किया गया था।

सीबीआई ने जांच के बाद भूपेश बघेल सहित कुल छह लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। लंबे समय तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद निचली अदालत ने 2024 में बघेल को राहत दी थी, लेकिन अब उच्च न्यायालय के आदेश से यह राहत समाप्त हो गई है।

अदालत के इस फैसले के बाद यह मामला एक बार फिर सक्रिय हो गया है। आगामी सुनवाइयों में सभी आरोपियों की कानूनी चुनौतियां बढ़ सकती हैं। साथ ही, इस निर्णय का असर राज्य की राजनीति पर भी पड़ना तय माना जा रहा है, क्योंकि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अभी भी प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button