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छत्तीसगढ़रायपुर

विदेशी मेहमानों ने कहा – अद्भुत है छत्तीसगढ़, सुंदर स्मृतियों के साथ पूरी हुई यात्रा

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुक्रवार को अपने निवास कार्यालय में राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय के सैन्य एवं सिविल सेवा अधिकारियों के अध्ययन दल से मुलाकात कर आत्मीय संवाद किया। इस दौरान उन्होंने देश-विदेश से आए अधिकारियों का शाल एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर स्वागत और सम्मान किया। अध्ययन दल का नेतृत्व एयर कमोडोर अजय कुमार चौधरी कर रहे थे।

मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ सघन वनों, खनिज संपदा, समृद्ध लोक संस्कृति और नैसर्गिक सौंदर्य का अद्वितीय संगम है। उन्होंने बताया कि राज्य का लगभग 46 प्रतिशत भू-भाग वनों से आच्छादित है। “एक पेड़ मां के नाम” अभियान और कैम्पा योजना के माध्यम से वनों के संरक्षण और विस्तार में महत्वपूर्ण योगदान मिला है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य खनिज संसाधनों से परिपूर्ण है—कोयले से लेकर हीरे तक यहां उपलब्ध हैं। छत्तीसगढ़ वर्तमान में विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में सरप्लस राज्य बन चुका है, जहां लगभग 30 हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में ऊर्जा क्षेत्र में 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे आने वाले समय में बड़ी अतिरिक्त उत्पादन क्षमता विकसित होगी।

नक्सल समस्या पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से प्रदेश में नक्सलवाद अब समाप्ति की ओर है। इससे राज्य में शांति और विकास की गति और तेज होगी।

कृषि क्षेत्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ को “धान का कटोरा” कहा जाता है और यहां किसानों के लिए प्रभावी धान खरीदी नीति लागू है। प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जा रहा है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।

महिला सशक्तिकरण की दिशा में ‘महतारी वंदन योजना’ का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके तहत 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं को दी जा चुकी है। वहीं 5 लाख 30 हजार से अधिक भूमिहीन कृषि मजदूरों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति, खान-पान और परंपराओं पर भी विस्तार से चर्चा की।

अध्ययन दल में शामिल विदेशी सैन्य अधिकारियों ने छत्तीसगढ़ प्रवास को “अद्भुत और यादगार” बताया। उन्होंने विशेष रूप से बस्तर क्षेत्र की जनजातीय संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य की सराहना की।

एयर कमोडोर अजय कुमार चौधरी ने कहा कि स्पष्ट नेतृत्व और सशक्त नीतियों के कारण प्रदेश में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं—जैसे महिला सशक्तिकरण और आवास योजनाओं—का जमीनी स्तर पर अच्छा प्रभाव देखने को मिल रहा है।

अध्ययन दल ने अपने प्रवास के दौरान नया रायपुर में शहर की व्यवस्थाओं का अध्ययन किया, कांकेर के जंगल वारफेयर कॉलेज और कृषि विज्ञान केंद्र का अवलोकन किया तथा बस्तर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और पर्यटन स्थलों का भ्रमण किया। दल ने चित्रकोट जलप्रपात और कोंडागांव के शिल्पग्राम का भी दौरा किया। इसके अलावा अधिकारियों ने भिलाई इस्पात संयंत्र और भिलाई के पुलिस थाने का भ्रमण कर कानून-व्यवस्था और औद्योगिक गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की।

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय द्वारा प्रतिवर्ष एक वर्षीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। इस वर्ष 66वें प्रशिक्षण कार्यक्रम में 120 सैन्य और गैर-सैन्य अधिकारी भाग ले रहे हैं। इसी कार्यक्रम के तहत 15 अधिकारियों का दल आर्थिक सुरक्षा और रणनीति विषय पर अध्ययन के लिए छत्तीसगढ़ पहुंचा था, जिसमें 5 विदेशी सैन्य अधिकारी भी शामिल हैं।

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