ब्रेकिंग
राहुल गांधी के विरोध में भाजपा का कांग्रेस कार्यालय घेराव, कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल बोले— लोकतंत... पुलिस कमिश्नर डॉ संजीव शुक्ला ने अस्पताल पहुंचकर घायल पुलिस जवानों का जाना हाल Raipur Central Jail Bail: जेल से बाहर आते ही अमित बघेल ने भरी हुंकार, 2028 चुनाव पर किया बड़ा ऐलान स्वास्थ्य कर्मचारी संघ का जिला अस्पताल से कलेक्ट्रेट तक मार्च, मांगों को लेकर सरकार के नाम सौंपा ज्ञ... साड़ी की जिद बनी मौत की वजह! पत्नी ने पति को उतारा मौत के घाट CM साय से लघु उद्योग भारती की मुलाकात, इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर की तैयारियों पर हुई अहम चर्चा Sai Cabinet Meeting Today: आज साय सरकार ले सकती है बड़े फैसले, किसानों के लिए हो सकता है बड़ा ऐलान लोक कर्म विभाग की समीक्षा बैठक में विकास कार्यों की प्रगति पर सख्त नजर, समय-सीमा में कार्य पूर्ण करन... भव्य सावन मेले की तैयारियों ने पकड़ी रफ्तार, सांस्कृतिक समिति की बैठक में बनी कार्ययोजना, छत्तीसगढ़ में मेहरबान हुआ मानसून, रायपुर समेत कई जिलों में बारिश; मौसम विभाग का ऑरेंज-येलो अलर्ट
छत्तीसगढ़बस्तर

बस्तर में घटा नक्सल प्रभाव, सुरक्षा कैंपों को बनाया जाएगा विकास का केंद्र

बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को लेकर राज्य सरकार ने बड़ी सफलता का दावा किया है। सरकार के अनुसार अब इलाके का लगभग 96 प्रतिशत हिस्सा नक्सली प्रभाव से मुक्त हो चुका है। इससे क्षेत्र में शांति स्थापित होने के साथ-साथ विकास की संभावनाएं भी तेजी से बढ़ी हैं।

राज्य के गृह राज्य मंत्री विजय शर्मा ने जानकारी दी कि पिछले एक दशक में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए इलाके में 400 से अधिक पुलिस कैंप स्थापित किए गए। इनमें से 120 से ज्यादा कैंप पिछले दो वर्षों में बनाए गए, ताकि दूर-दराज और संवेदनशील इलाकों तक सुरक्षा बलों की पहुंच सुनिश्चित की जा सके।

सरकार अब इन कैंपों की भूमिका को केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं रखना चाहती। योजना है कि इन्हें पुलिसिंग के साथ-साथ स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र और अन्य बुनियादी सुविधाओं के केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। कई स्थानों पर कैंपों को पहले ही एकीकृत विकास केंद्र के रूप में उपयोग किया जा रहा है, जहां से ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं और स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल रहा है।

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार बस्तर के सीमावर्ती इलाकों में अब केवल करीब 35 से 40 माओवादी कैडर ही सक्रिय बचे हैं। नक्सल विरोधी अभियान में आधुनिक तकनीक का भी इस्तेमाल किया गया है। इस अभियान में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन, राष्ट्रीय तकनीकी अनुसंधान संगठन, भारत‑तिब्बत सीमा पुलिस और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड जैसी एजेंसियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

इसी दौरान माओवादी संगठन के शीर्ष कमांडर पापा राव ने अपने साथियों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया है। इसे सरकार ने नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान में एक बड़ी उपलब्धि बताया है। राज्य सरकार का कहना है कि पुनर्वास और आत्मसमर्पण नीति के माध्यम से पूर्व नक्सलियों को मुख्यधारा में लाने की कोशिश जारी है और आने वाले समय में बस्तर को पूरी तरह नक्सल मुक्त बनाने की दिशा में काम जारी रहेगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Slot Site
Back to top button