
दुर्ग। नेवई थाना पुलिस ने युवती का पीछा कर छेड़छाड़ करने और सोशल मीडिया पर अश्लील व आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट कर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने वाले फरार आरोपी को हरियाणा के फरीदाबाद से गिरफ्तार किया है। आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर दुर्ग लाकर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार, पीड़िता की लिखित शिकायत पर थाना नेवई में अपराध क्रमांक 354/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296, 351(3), 79, 74, 78(2) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 के अंतर्गत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
जांच में सामने आया कि आरोपी करीब तीन वर्ष पहले नेवई भाठा क्षेत्र में किराए के मकान में रहता था। इस दौरान वह पीड़िता का स्कूल आते-जाते पीछा कर छेड़छाड़ करता था। इसके बाद उसने इंस्टाग्राम के माध्यम से पीड़िता और उसके परिवार को निशाना बनाना शुरू कर दिया। आरोपी पीड़िता के भाई को अश्लील और अभद्र संदेश भेजता था तथा परिवार की निजी तस्वीरों का बिना अनुमति उपयोग कर उन पर आपत्तिजनक और मानहानिकारक टिप्पणियां पोस्ट करता था, जिससे पीड़िता लगातार मानसिक उत्पीड़न का शिकार हो रही थी।
विवेचना के दौरान पुलिस ने पीड़िता द्वारा उपलब्ध कराए गए इंस्टाग्राम स्क्रीनशॉट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का परीक्षण किया। तकनीकी जांच के आधार पर आरोपी की लोकेशन बल्लभगढ़, फरीदाबाद (हरियाणा) में मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने वहां पहुंचकर आरोपी सूरज सिंह (36) को गिरफ्तार किया।
31 जुलाई 2026 को आरोपी को जेएमएफसी फरीदाबाद की अदालत में पेश कर ट्रांजिट रिमांड प्राप्त किया गया। इसके बाद उसे दुर्ग लाकर 2 अगस्त 2026 को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता की धारा 74 एवं 78(2) भी जोड़ी गई है।
इस कार्रवाई में थाना नेवई के निरीक्षक अनिल साहू, आरक्षक रवि बिसाई और आरक्षक चंदन भास्कर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
दुर्ग पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से सोशल मीडिया का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने की अपील की है। पुलिस ने कहा है कि किसी भी महिला या व्यक्ति के विरुद्ध ऑनलाइन उत्पीड़न, अश्लील सामग्री प्रसारित करना या निजी जानकारी का दुरुपयोग करना कानूनन अपराध है। ऐसे मामलों की सूचना तत्काल पुलिस या साइबर हेल्पलाइन को दें, ताकि दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।












