ब्रेकिंग
छत्तीसगढ़ में फिर बिगड़ा मौसम, रायपुर-बिलासपुर समेत कई इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी शिक्षकों के उत्कृष्ट कार्य का सम्मान, छत्तीसगढ़ के 64 शिक्षकों को राज्यपाल करेंगे सम्मानित दर्दनाक सड़क हादसा, पेड़ से टकराई बाइक; दो नाबालिगों की मौके पर मौत कर्ज वसूली के नाम पर बर्बरता, महिला और बेटे को बंधक बनाकर पीटा; निर्वस्त्र कर वीडियो बनाने का आरोप नर्मदा में 15 लोगों की जान पर बनी! पेट्रोलिंग बोट का इंजन बंद, तेज बहाव में डूबी नाव भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें धर्म, कर्तव्य और लोककल्याण के मार्ग पर चलने की देता है प्रेरणा - मुख्यम... मृत भालू के नाखून काटकर ले जाने वाले दो आरोपी गिरफ्तार रायगढ़ की बदलेगी तस्वीर: विकास परियोजनाओं का वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी ने किया मैराथन निरीक्षण जल संरक्षण में सूरजपुर का ऐतिहासिक प्रदर्शन- देश में चौथा और छत्तीसगढ़ में मिला पहला स्थान जिस पानी से बुझती है प्यास, वही बढ़ा रहा किडनी की बीमारी का खतरा? सामने आया बड़ा दावा
छत्तीसगढ़रायपुर

रायपुर में बड़ा अपडेट: 1.38 लाख मतदाताओं पर वोटर लिस्ट से बाहर होने का खतरा

रायपुर | रायपुर जिले की सातों विधानसभा सीटों में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के दस्तावेज अधूरे पाए गए हैं। करीब 1.38 लाख मतदाताओं ने गणना प्रपत्र तो जमा कर दिया है, लेकिन आवश्यक सहायक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। इसी वजह से चुनाव आयोग ने इन सभी को सी कैटेगरी में वर्गीकृत किया है।

जिले में कुल मतदाताओं की संख्या 18,92,523 है। चुनाव आयोग ने सत्यापन की प्रक्रिया को तीन भागों—ए, बी और सी—में बांटा है। ए कैटेगरी में वे 4.66 लाख मतदाता शामिल हैं, जिनके आवेदन और दस्तावेज पूरी तरह सही पाए गए हैं। वहीं बी कैटेगरी में 7.33 लाख मतदाता हैं, जिनके दस्तावेजों की जांच 19 दिसंबर से शुरू की जाएगी।

उप जिला निर्वाचन अधिकारी नवीन सिंह ठाकुर के अनुसार, कई मतदाता 2003 की पुरानी मतदाता सूची से जुड़े प्रमाण पत्र आवेदन के साथ नहीं दे पाए हैं। ऐसे मामलों में संबंधित एसडीएम द्वारा नोटिस जारी किए जाएंगे और मतदाताओं को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाएगा।

आंतरिक जानकारी के मुताबिक, पूरे राज्य में सबसे अधिक नाम कटने की आशंका रायपुर जिले से है। यहां 79,405 मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है, जबकि 2,88,222 मतदाता जिले से बाहर स्थानांतरित हो चुके हैं।

गौरतलब है कि गणना प्रपत्रों को ऑनलाइन दर्ज करने का कार्य शत-प्रतिशत पूरा कर लिया गया है। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी मतदाता का नाम अंतिम रूप से हटाने से पहले नोटिस देना और सुनवाई का मौका देना अनिवार्य होगा।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button