कर्ज की किश्त और ब्याज को लेकर दबाव बनाने वाली दो महिलाएं गिरफ्तार, घर से ले गए वाहन समेत सामान बरामद

दुर्ग। सुपेला थाना पुलिस ने कर्ज की किश्त और ब्याज की रकम को लेकर दबाव बनाने, मारपीट, गाली-गलौज और धमकी देने के आरोप में दो महिलाओं को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि किश्त भुगतान में देरी के बाद दोनों महिलाओं ने सुरक्षा के तौर पर लिए गए चेक और दस्तावेज वापस नहीं किए तथा अतिरिक्त रकम की मांग करते हुए महिला के घर से सामान भी ले गईं। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर एक्टीवा वाहन, वाशिंग मशीन और मोबाइल फोन बरामद कर जप्त किया है।
पुलिस के अनुसार कृपाल नगर, कोहका निवासी बलजीत कौर ने थाना सुपेला में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उन्होंने आवश्यकता के चलते सीमा यादव से अलग-अलग समय पर रकम उधार ली थी। इसके एवज में सुरक्षा के तौर पर बैंक चेक और हस्ताक्षरित स्टाम्प दिए गए थे। प्रार्थिया का कहना है कि किश्तों में रकम चुकाने के बावजूद चेक वापस नहीं किए गए और किश्त में देरी होने पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था।
शिकायत के मुताबिक, 19 जुलाई 2026 को आरोपी महिलाएं प्रार्थिया के घर पहुंचीं और कथित रूप से गाली-गलौज एवं मारपीट करते हुए धमकी दी। इस दौरान वे घर से उसके पति के नाम पंजीकृत एक्टीवा वाहन क्रमांक CG-07-AU-3175, वर्लपूल कंपनी की वाशिंग मशीन और ओप्पो मोबाइल फोन अपने साथ ले गईं।
प्रार्थिया की शिकायत पर सुपेला थाना पुलिस ने अपराध क्रमांक 1138/2026 दर्ज कर धारा 296, 351(2), 308(2), 3(5) बीएनएस के तहत जांच शुरू की। विवेचना के दौरान पुलिस ने दोनों महिलाओं को पूछताछ के लिए तलब किया। पूछताछ और उनकी निशानदेही के आधार पर घर से ले जाए गए सामान को अलग-अलग स्थानों से बरामद कर विधिवत जप्त किया गया।
पुलिस ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर सीमा यादव (36 वर्ष), निवासी वैशाली नगर और बबली साहू (44 वर्ष), निवासी कोहका को गिरफ्तार किया। दोनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
पुलिस के मुताबिक, मामले में कर्ज और ब्याज के लेन-देन के दौरान सुरक्षा के तौर पर चेक एवं हस्ताक्षरित दस्तावेज अपने पास रखने और किश्त में देरी होने पर कथित रूप से अतिरिक्त रकम की मांग कर दबाव बनाने की बात सामने आई है।
कार्रवाई में थाना सुपेला प्रभारी एस.एन. सिंह, उनि नमिता टेकाम, सउनि पूरन लाल साहू, प्रधान आरक्षक योगेश चंद्राकर और महिला आरक्षक सीता सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि निजी स्तर पर ब्याज पर रकम लेने-देने के दौरान वैधानिक प्रक्रिया और दस्तावेजों की जानकारी जरूर रखें। धमकी, मारपीट, जबरन सामान ले जाने या अवैध वसूली जैसी स्थिति सामने आने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें।













