अरुण पन्नालाल की मुश्किलें बढ़ीं, कोर्ट ने जमानत देने से किया इनकार

रायपुर। हिंदू भगवान को लेकर सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में अरुण पन्नालाल को कोर्ट से राहत नहीं मिली है। अदालत ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी, जिसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस ने कोर्ट की कार्रवाई के बाद उसे जेल दाखिल करा दिया।
मामला सोशल मीडिया पर की गई एक कथित टिप्पणी से जुड़ा है, जिसमें हिंदू भगवान को लेकर आपत्तिजनक और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली बात लिखे जाने का आरोप है। पोस्ट सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसका विरोध शुरू हो गया। हिंदू संगठनों ने भी मामले में कार्रवाई की मांग की थी।
बताया जा रहा है कि कथित टिप्पणी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई। लोगों ने इसे धार्मिक आस्था का अपमान बताते हुए आपत्ति जताई। मामला पुलिस तक पहुंचने के बाद शिकायत के आधार पर अरुण पन्नालाल के खिलाफ अपराध दर्ज कर कार्रवाई शुरू की गई।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद न्यायालय में पेश किया। इस दौरान आरोपी की ओर से जमानत के लिए आवेदन प्रस्तुत किया गया, जबकि अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने जमानत आवेदन खारिज कर दिया।
कोर्ट से जमानत नहीं मिलने के बाद अरुण पन्नालाल को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इसके बाद पुलिस ने उसे जेल दाखिल करा दिया। फिलहाल वह न्यायिक हिरासत में है और मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
पहले भी सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर विवाद
अरुण पन्नालाल का नाम इससे पहले भी सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर विवादों में आ चुका है। वर्ष 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद मृतकों की कथित गलत सूची सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के आरोप में उसके खिलाफ रायपुर के आजाद चौक थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। उस मामले को लेकर भी हिंदू संगठनों ने विरोध जताया था।
ताजा मामले में कथित धार्मिक टिप्पणी को लेकर शुरू हुआ विवाद अब न्यायालय तक पहुंच गया है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि इस तरह की टिप्पणियों से धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं। वहीं पुलिस सोशल मीडिया पोस्ट समेत मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।
जमानत याचिका खारिज होने के बाद अरुण पन्नालाल फिलहाल जेल में है। मामले में आगे की सुनवाई और पुलिस की जांच के आधार पर अगली कार्रवाई तय होगी।













