भाजपा नेता राजेंद्र पाध्ये का सवाल: अगर भ्रष्टाचार नहीं किया तो ईडी कार्रवाई से डर क्यों रहे कांग्रेसी ?

दुर्ग जिला भाजपा उपाध्यक्ष राजेन्द्र कुमार पाध्ये ने भूपेश बघेल और उनके कुनबे पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के छापों को पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के भ्रष्टाचार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। पाध्ये ने कहा कि अब देश में भ्रष्टाचार और काला धन कमाने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति लागू की गई है, और भ्रष्टाचारी चाहे कितनी भी बड़ी हस्ती क्यों न हो, अब उनके खिलाफ कार्रवाई तय है। उन्होंने कहा, “अब वो दिन लद गए जब भ्रष्टाचार करने के बाद लोग चैन से सोते थे।”
ईडी के खिलाफ कांग्रेस द्वारा जारी बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पाध्ये ने कहा, “ईडी के छापे से इतना हंगामा क्यों मचाया जा रहा है? अगर आपके आका पाक साफ हैं तो किस बात का डर है? कानूनी कार्यवाही का सामना करके न्यायालय में अपना पक्ष रखें। निर्दोष व्यक्ति को किसी का कोई डर नहीं होता।”
उन्होंने यह भी कहा कि 2161 करोड़ रुपये के शराब घोटाले में पहले ही कई बड़े नेता जैसे कवासी लखमा, अनवर ढेबर और अनिल टुटेजा जेल में हैं, और उनसे मिले इनपुट्स के आधार पर ही छापों की यह श्रृंखला शुरू हुई है। पाध्ये ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता इस जांच प्रक्रिया में बाधा डालने का प्रयास कर रहे हैं ताकि अपने आका को बचाया जा सके, जो कि गलत है।
राजेन्द्र कुमार पाध्ये ने आगे कहा, “जब कांग्रेस ने 2018 के विधानसभा चुनावों में भूपेश बघेल को मुख्यमंत्री बनाया, तो जनता ने उम्मीद की थी कि वे पद की गरिमा के अनुरूप कार्य करेंगे। लेकिन भूपेश बघेल ने प्रदेश को लूटने में कोई कसर नहीं छोड़ी। दिल्ली में बैठे कांग्रेस आलाकमान ने छत्तीसगढ़ को अवैध वसूली का एटीएम बना लिया और भूपेश के इशारे पर राज्य को जमकर लूटा।”
उन्होंने कहा कि इस भ्रष्टाचार की परिणिति के रूप में शराब घोटाला, कोयला घोटाला, डीएमएफ घोटाला, महादेव ऐप जैसे कई अन्य घोटाले सामने आए हैं, जिन्होंने कांग्रेस और भूपेश सरकार को छत्तीसगढ़ में बर्बाद कर दिया।













