ब्रेकिंग
4.24 करोड़ के विज्ञापन पर घमासान, भूपेश सरकार के फैसले की जांच के संकेत कैबिनेट के बड़े निर्णय: नए विधेयकों और योजनाओं को स्वीकृति ईश्वर की अनमोल कृति हैं महिलाएं : अरुण साव पुरानी रंजिश में युवक पर धारदार हथियार से हमला, सुपेला पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार महापौर की अनोखी पहल,सड़क सुरक्षा का संदेश: महापौर द्वारा तीन अलग-अलग शादियों में पहुँचकर दूल्हा-दुल्... अवैध अफीम खेती प्रकरण से जुड़े व्यक्तियों के अवैध अतिक्रमण पर पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई – बुलडोजर... महिला दिवस पर महापौर अलका बाघमार ने नर्सिंग स्टाफ का किया सम्मान, हेलमेट भेंट कर दिया सुरक्षा का संद... छात्र समस्याओं पर एनएसयूआई का विरोध, समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी ग्रीष्म ऋतु में पेयजल समस्या निदान हेतु नोडल अधिकारी नियुक्त जिला सूरजपुर न्यायालय में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का भव्य आयोजन - नारी शक्ति का हुआ सम्मान
रायपुर

भू-जल के दोहन पर रखी जाए सतत् निगरानी, संवर्धन के लिए करें आवश्यक उपाय

रायपुर  |  प्रदेश में भू-जल सर्वेक्षण एवं दोहन पर सतत् निगरानी रखते हुए भू-जल संवर्धन के लिए आवश्यक संरचनाओं का निर्माण मनरेगा, जिला खनिज न्यास मद एवं आपदा प्रबंधन कोष आदि के माध्यम से कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं। इस आशय के आदेश मंत्रालय महानदी भवन स्थित जल संसाधन विभाग द्वारा प्रदेश के सभी कलेक्टरों को पत्र जारी किया गया है।

पत्र में क्षेत्रीय निदेशक केंद्रीय भूमि जल बोर्ड भारत सरकार, जल शक्ति मंत्रालय, द्वारा तैयार की गई भू-जल सर्वेक्षण रिर्पोट को संदर्भित कर कहा गया है कि छत्तीसगढ़ में 146 विकासखंड हैं जिसमें से 5 विकासखंड जिनमें बालोद जिले के गुरूर, बेमेतरा जिले के नवागढ़, बेमेतरा, बेरला और रायपुर जिले के धरसींवा भू-जल संर्वेक्षण एवं दोहन रिर्पोट के हिसाब से संकटकालीन (क्रिटिकल) स्थिति में है।

रिर्पोट के अनुसार 21 विकासखंड जिनमें बालोद जिले के बालोद, गुंडरदेही, बेमेतरा जिले के साजा, बिलासपुर जिले के तखतपुर, बेल्हा, धमतरी जिले के धमतरी और कुरूद तथा दुर्ग जिले के दुर्ग और धमधा गरियाबंद जिले के राजिम व फिंगेश्वर, कबीरधाम जिले के पंडरिया,

कांकेर जिले के चारामा, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के खैरागढ़, महासमुंद जिले के बसना व पिथौरा, रायगढ़ जिले के पुसौर, राजनांदगांव जिले के राजनांदगांव, डोंगरगांव, डोंगरगढ़ और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बरमकेला तथा सुरजपुर जिले के सुरजपुर विकासखंड अर्धसंकटकालीन (सेमी क्रिटिकल) स्थिति में है। शेष 120 विकासखंड को रिर्पोट में सुरक्षित माना गया है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button