ब्रेकिंग
मुख्य मार्गो के डिवाइडर एवं छतों पर लगे कटआउट होर्डिंग्स की अनुमति होगी निरस्त,विज्ञापन कटआउट लगाने ... साइबर ठगी की रकम खपाने वाले 06 म्यूल बैंक खाताधारक गिरफ्तार, कमीशन के लालच में खाते-पासबुक-एटीएम उपल... गोवर्धन पूजा पर सार्वजनिक अवकाश की मांग, सर्व समाज संगठन ने शासन को भेजा ज्ञापन:-प्रांताध्यक्ष भानु ... मुख्य मार्गो के डिवाइडर एवं छतों पर लगे कटआउट होर्डिंग्स की अनुमति होगी निरस्त,विज्ञापन कटआउट लगाने ... 100 निकायों में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार, 67 करोड़ मंजूर; 1.38 करोड़ OPD का रिकॉर्ड सफर होगा तेज और आसान! रायपुर से रांची-धनबाद तक नया एक्सप्रेसवे देगा बड़ी राहत स्वच्छ हवा की रैंकिंग में रायपुर चमका, दुर्ग-भिलाई और कोरबा ने भी बनाई मजबूत जगह गैस सिलेंडर बुकिंग पर बड़ा बदलाव, गांव और शहर में अब एक ही नियम लागू मुख्यमंत्री साय का आज का पूरा कार्यक्रम, नगरीय प्रशासन की समीक्षा बैठक में होंगे शामिल छत्तीसगढ़ में बदला मौसम का मिजाज, बारिश थमने से बढ़ी गर्मी; अगले 48 घंटे फिर बारिश के आसार
छत्तीसगढ़

बड़ा फैसला: हाईकोर्ट ने 53.40 लाख मुआवजे को किया कानूनी मान्यता

छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण द्वारा मृतक के परिजनों को दिए गए 53.40 लाख रुपये के मुआवजे को पूरी तरह उचित और न्यायसंगत करार दिया है। इस फैसले से बीमा कंपनी के लिए बड़ा झटका लगा है।

मामला 4 दिसंबर 2021 का है, जब जयमंगल राजवाड़े अंबिकापुर से कोरबा जा रहे थे। थाना बांगो क्षेत्र के गांधी नगर बंजारी मुख्य मार्ग पर उनकी कार का आमने-सामने से आ रही तेज रफ्तार स्विफ्ट कार से टकराव हो गया। हादसे में उन्हें गंभीर चोटें आईं और उनकी मृत्यु हो गई।

42 वर्षीय जयमंगल राजवाड़े प्रेस में कार्यरत थे और जूस की दुकान भी चलाते थे। उनकी मासिक आय लगभग 35,000 रुपये बताई गई थी। परिजनों ने 1.39 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग की थी, लेकिन अधिकरण ने 53.40 लाख रुपये का मुआवजा तय किया।

बीमा कंपनी, United India Insurance Company Limited ने दलील दी कि दुर्घटना में मृतक की भी कुछ लापरवाही थी। हालांकि न्यायमूर्ति राकेश मोहन पांडेय ने स्पष्ट किया कि कंपनी ने कोई ठोस या विश्वसनीय सबूत पेश नहीं किया। एफआईआर और अन्य दस्तावेजों से यह साबित हुआ कि मृतक अपनी लेन में वाहन चला रहे थे।

हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व निर्णयों का हवाला देते हुए कहा कि आमने-सामने की टक्कर मात्र से मृतक की लापरवाही साबित नहीं होती। इस प्रकार बीमा कंपनी की अपील खारिज कर दी गई और 53.40 लाख रुपये का मुआवजा बरकरार रखा गया।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button