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छत्तीसगढ़

डिजिटल जनगणना की बड़ी उपलब्धि: छत्तीसगढ़ में प्रथम चरण संपन्न, अब जनसंख्या गणना की तैयारी

छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय महत्व के अभियान भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण (मकान सूचीकरण एवं मकान गणना) का कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण हो गया है। यह फील्ड कार्य 1 मई 2026 से शुरू होकर 30 मई 2026 तक पूरे राज्य में सुव्यवस्थित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न किया गया।

राज्य के सभी जिलों, तहसीलों, गांवों और नगरीय क्षेत्रों को इस व्यापक अभियान में पूरी तरह कवर किया गया, जिससे आगामी जनसंख्या गणना के लिए एक मजबूत और सटीक आधार तैयार हो गया है।

घर-घर पहुंचकर जुटाई गई डिजिटल जानकारी

प्रथम चरण के दौरान प्रगणकों ने प्रत्येक घर पहुंचकर नागरिकों से भारत सरकार द्वारा निर्धारित 33 महत्वपूर्ण प्रश्न पूछे। इनमें मकान की स्थिति, बुनियादी सुविधाएं, संसाधन और परिवार से जुड़ी आवश्यक जानकारी शामिल थी।

सभी आंकड़े मोबाइल ऐप के माध्यम से डिजिटल रूप से संग्रहित किए गए और सीधे सुरक्षित सरकारी सर्वर पर अपलोड किए गए, जिससे डेटा संग्रहण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और तकनीकी रूप से उन्नत रही।

डेटा की गोपनीयता पर विशेष जोर

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों द्वारा दी गई सभी व्यक्तिगत जानकारी जनगणना अधिनियम, 1948 और संबंधित नियमों के तहत पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। इन आंकड़ों का उपयोग केवल नीति निर्माण और जनकल्याणकारी योजनाओं के निर्माण में किया जाएगा।

जनगणना प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद निर्धारित समय पर ही आंकड़ों को सार्वजनिक किया जाएगा।

विशाल प्रशासनिक ढांचे के साथ सफल संचालन

इस अभियान को सफल बनाने के लिए राज्य में व्यापक प्रशासनिक व्यवस्था की गई थी। कुल 33 जिलों, 195 नगरीय निकायों, 252 तहसीलों और लगभग 19,978 गांवों को कवर किया गया।

कार्य को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए 48,754 गणना ब्लॉक बनाए गए और करीब 62,500 अधिकारियों एवं कर्मचारियों की तैनाती की गई।

इसमें जिला कलेक्टर, नगर निगम आयुक्त, चार्ज अधिकारी, मास्टर ट्रेनर, फील्ड ट्रेनर, प्रगणक और पर्यवेक्षक सहित विभिन्न स्तर के अधिकारी शामिल रहे, जिन्होंने इस राष्ट्रीय कार्य को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।

फरवरी 2027 में होगा दूसरा चरण

जनगणना 2027 का दूसरा चरण, यानी जनसंख्या गणना, फरवरी 2027 में आयोजित किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य पहले चरण में तैयार किए गए ढांचे के आधार पर प्रत्येक व्यक्ति की सटीक गणना सुनिश्चित करना है, ताकि कोई भी नागरिक गणना प्रक्रिया से छूट न जाए।

जनगणना निदेशालय ने उम्मीद जताई है कि दूसरे चरण में भी छत्तीसगढ़ के नागरिक इसी तरह सक्रिय सहयोग प्रदान करेंगे और यह राष्ट्रीय अभियान पूरी सफलता के साथ आगे बढ़ेगा।

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