
दुर्ग। दूसरे व्यक्ति के नाम का इस्तेमाल कर मोबाइल, एसी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान फाइनेंस कराने तथा किस्तों का भुगतान नहीं कर वित्तीय कंपनियों और प्रार्थी को आर्थिक नुकसान पहुंचाने वाले आरोपी को सुपेला पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
पुलिस के अनुसार, प्रार्थी ने थाना सुपेला में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसका परिचित शेखर देशमुख अपने साथी अनुराग देशमुख के साथ अंश मोबाइल, आकाशगंगा सुपेला पहुंचा था। वहां प्रार्थी के नाम पर बजाज फाइनेंस के माध्यम से एप्पल कंपनी का आईफोन फाइनेंस कराया गया और मोबाइल अपने साथ ले गया। इसके बाद आरोपी और उसके साथियों ने प्रार्थी के नाम का उपयोग कर विभिन्न फाइनेंस कंपनियों से मोबाइल, एसी, एलईडी टीवी समेत अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान भी फाइनेंस कराए।
शुरुआत में आरोपियों द्वारा कुछ किस्तों की राशि प्रार्थी के बैंक खाते में जमा कराई जाती रही, जिससे फाइनेंस की ईएमआई समय पर कटती रही। लेकिन बाद में किस्त जमा करना बंद कर दिया गया। इसके चलते प्रार्थी के खाते से रकम कटने लगी और विभिन्न फाइनेंस कंपनियों के प्रति कुल 1 लाख 73 हजार 513 रुपये की बकाया राशि हो गई। वहीं प्रार्थी के खाते से 16 हजार रुपये भी कट गए।
मामले की शिकायत पर थाना सुपेला में अपराध क्रमांक 833/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) एवं 61(2) के अंतर्गत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। जांच के दौरान आरोपी शेखर देशमुख की संलिप्तता पाए जाने पर उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार आरोपी ने अन्य साथियों के साथ मिलकर विभिन्न प्रतिष्ठानों से फाइनेंस सुविधा का दुरुपयोग करते हुए इलेक्ट्रॉनिक सामान प्राप्त किया और किस्तों का भुगतान नहीं कर अनुचित आर्थिक लाभ अर्जित किया।
आरोपी का विवरण
गिरफ्तार आरोपी का नाम शेखर देशमुख (26 वर्ष) निवासी केलाबाड़ी, थाना पद्मनाभपुर, जिला दुर्ग है।
इन स्थानों पर हुई थी फाइनेंसिंग
जांच में अंश मोबाइल आकाशगंगा सुपेला, एवन इलेक्ट्रॉनिक्स सिंधिया नगर दुर्ग, रिलायंस डिजिटल सूर्या मॉल और पोलसायपारा दुर्ग का नाम सामने आया है, जहां से विभिन्न सामान फाइनेंस कराए गए थे।
पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी व्यक्ति के कहने पर अपने नाम, पहचान पत्र, दस्तावेज या व्यक्तिगत जानकारी का उपयोग फाइनेंस, बैंकिंग अथवा अन्य वित्तीय लेन-देन के लिए न करने दें। किसी भी संदिग्ध वित्तीय गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें।











