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छत्तीसगढ़

जनजातीय और वंचित युवाओं को मिलेगा कौशल प्रशिक्षण, रोजगार के लिए बनेगी व्यापक कार्ययोजना

रायपुर। मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय महानदी भवन में कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग की समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों के युवाओं, महिलाओं, तृतीय लिंग समुदाय और अन्य वंचित वर्गों को व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास तथा ग्रामीण उद्यमिता के माध्यम से सशक्त बनाने की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनजातीय समुदायों, गरीब युवाओं और वंचित वर्गों को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ने के लिए एक व्यापक और प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए। बैठक में पैन आईआईटी एलुमनी रीच फॉर इंडिया फाउंडेशन द्वारा अनुसूचित जनजाति बहुल क्षेत्रों में संचालित कौशल विकास एवं उद्यमिता कार्यक्रमों की प्रस्तुति भी दी गई।

संयुक्त उद्यम कंपनी का होगा गठन

बैठक में जानकारी दी गई कि छत्तीसगढ़ शासन और पैन आईआईटी एलुमनी रीच फॉर इंडिया फाउंडेशन के बीच एक गैर-लाभकारी संयुक्त उद्यम कंपनी गठित करने का निर्णय लिया गया है। यह संस्था अनुसूचित जनजाति, अन्य वंचित समुदायों, गरीब युवाओं, महिलाओं और तृतीय लिंग समुदाय के लिए व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और ग्रामीण उद्यमिता कार्यक्रम संचालित करेगी।

प्रशिक्षण के साथ रोजगार की भी गारंटी

अधिकारियों ने बताया कि युवाओं को उनकी रुचि और बाजार की मांग के अनुसार विभिन्न ट्रेडों में आवासीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल कौशल विकास तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रशिक्षण पूरा होते ही युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना भी प्राथमिकता होगी, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो सके।

विशेष रूप से स्कूल छोड़ चुके विद्यार्थियों, ग्रामीण युवाओं और समाज के कमजोर वर्गों को मुख्यधारा की अर्थव्यवस्था से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा।

बस्तर और सरगुजा में स्थापित होंगे गुरुकुल और कौशल कॉलेज

बैठक में बताया गया कि झारखंड में सफल मॉडल लागू करने के बाद अब छत्तीसगढ़ में भी आदिवासी एवं वंचित युवाओं के सशक्तिकरण के लिए इसी तर्ज पर कार्य किया जाएगा। बस्तर और सरगुजा संभाग के आदिवासी बहुल जिलों में कल्याण गुरुकुल और कौशल कॉलेज स्थापित किए जाएंगे।

स्थानीय आईटीआई और छात्रावास भवनों को आवासीय प्रशिक्षण केंद्रों में परिवर्तित किया जा रहा है। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के बेरोजगार युवाओं की पहचान कर उन्हें प्रशिक्षण से जोड़ा जाएगा। उनकी शैक्षणिक योग्यता के अनुसार कंस्ट्रक्शन, मैन्युफैक्चरिंग सहित विभिन्न क्षेत्रों में अल्पकालीन आवासीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

आदिवासी क्षेत्रों में खुलेंगे नर्सिंग कॉलेज

बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों में नर्सिंग कॉलेज स्थापित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। छात्राओं के प्रशिक्षण शुरू होने से पहले ही विभिन्न कंपनियों और संस्थानों के साथ नियुक्ति संबंधी करार किए जाएंगे, ताकि प्रशिक्षण पूर्ण होते ही युवाओं को रोजगार मिल सके।

बैठक में आदिम जाति विकास विभाग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विभाग, स्वास्थ्य एवं आयुष विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, कौशल विकास विभाग तथा पैन आईआईटी एलुमनी रीच फॉर इंडिया फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

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