नकटी गांव पर चला बुलडोजर, बेघर हुए सैकड़ों परिवार! सीजी सुपर फास्ट न्यूज की एक्सक्लूसिव ग्राउंड रिपोर्ट

रायपुर। राजधानी से लगे नकटी गांव में प्रशासन की बुलडोजर कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी और मातम का माहौल देखने को मिला। कार्रवाई के दौरान कई मकानों को हटाया गया, जिससे बड़ी संख्या में परिवार बेघर हो गए। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की आंखों में आंसू और सिर पर सामान लेकर सुरक्षित ठिकाने की तलाश करते लोगों की तस्वीरें पूरे घटनाक्रम की दर्दनाक कहानी बयां करती नजर आईं।
ग्रामीणों का आरोप है कि वर्षों से बसे उनके आशियानों को बिना पर्याप्त राहत और पुनर्वास की व्यवस्था किए बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान कई परिवारों का घरेलू सामान भी मलबे में दब गया।
विधायक आवास के लिए हटाया गया गांव?
ग्रामीणों का दावा है कि जिस भूमि पर वे वर्षों से रह रहे थे, वहां विधायक आवास निर्माण की योजना के चलते उन्हें हटाया जा रहा है। हालांकि प्रशासन की ओर से इस संबंध में जो भी आधिकारिक कारण बताया गया हो, उसकी पुष्टि संबंधित विभाग से की जानी बाकी है।



पुलिस छावनी में बदला पूरा इलाका
बुलडोजर कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। पूरे गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। गांव में आने-जाने वाले रास्तों पर भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही।
विरोध, हंगामा और पथराव
कार्रवाई का विरोध कर रहे ग्रामीणों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति भी देखने को मिली। विरोध के दौरान कुछ लोगों द्वारा पथराव किए जाने की भी सूचना है। इसके बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए कार्रवाई जारी रखी।
ग्रामीणों का सवाल
बेघर हुए परिवारों का कहना है कि यदि प्रशासन को कार्रवाई करनी ही थी तो पहले उनके पुनर्वास की व्यवस्था की जानी चाहिए थी। अब उनके सामने सिर छिपाने तक की समस्या खड़ी हो गई है।
फिलहाल पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। प्रशासन की कार्रवाई और ग्रामीणों के विरोध के बाद आगे की स्थिति पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। प्रशासन की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।










