
भिलाई/दुर्ग, 20 अगस्त 2026। साइबर ठगी के पैसों को बैंक खातों के जरिए हासिल कर अवैध लाभ कमाने के मामले में सुपेला पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपियों के बैंक खातों में साइबर ठगी से जुड़ी रकम प्राप्त होने के साक्ष्य मिले हैं। इस कार्रवाई के साथ ही मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 21 हो गई है।
पुलिस ने बताया कि भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा संचालित समन्वय पोर्टल से मिली जानकारी के आधार पर थाना सुपेला क्षेत्र से जुड़े बंधन बैंक के खातों की जांच शुरू की गई थी। जांच के दौरान सामने आया कि अलग-अलग राज्यों में लोगों के साथ हुई साइबर ठगी की रकम कुछ बैंक खातों में ट्रांसफर की गई थी।
विवेचना के दौरान पुलिस ने बैंक कर्मचारियों के बयान दर्ज करने के साथ खाताधारकों से जुड़े बैंक दस्तावेज, खाता विवरण और अन्य अभिलेख जुटाए। जांच में 172 बंधन बैंक खाताधारकों के खिलाफ साइबर ठगी की रकम प्राप्त कर अवैध धनलाभ अर्जित करने के संबंध में अपराध दर्ज किया गया है।
इसी जांच के क्रम में बैंकिंग दस्तावेजों, तकनीकी जानकारी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने अमन कुमार राय (24) और डोमेन्द्र कुमार सिन्हा (38) को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ और विवेचना में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद दोनों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। इस प्रकरण में इससे पहले 19 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी थी।
इस तरह होता था खातों का इस्तेमाल
पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार आरोपियों के बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से प्राप्त रकम को रिसीव करने के लिए किया गया। ठगी की राशि खाते में आने के बाद उसके जरिए लेन-देन किया जाता था और इससे अवैध आर्थिक लाभ अर्जित किए जाने के पहलू की जांच जारी है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमन कुमार राय, निवासी चन्द्रनगर, उमरपोटी, थाना उतई, जिला दुर्ग और डोमेन्द्र कुमार सिन्हा, निवासी चिंगरी पारा, पांच रास्ता, वार्ड क्रमांक 06, सुपेला, जिला दुर्ग के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके कब्जे/संबंधित जांच में बैंक पासबुक जब्त की है।
प्रकरण में अपराध क्रमांक 679/2026 के तहत धारा 318(2), 318(3), 318(4) बीएनएस में कार्रवाई की गई है।
दुर्ग पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपना बैंक खाता, एटीएम, यूपीआई या अन्य डिजिटल भुगतान माध्यम किसी दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल करने के लिए न दें। पुलिस ने चेताया कि अनजान लोगों के कहने पर बैंक खाता उपलब्ध कराना अथवा खाते में आई संदिग्ध रकम को आगे ट्रांसफर करना कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है। किसी भी संदिग्ध बैंकिंग या साइबर गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को देने की अपील की गई है।















