
दुर्ग, 27 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा गोवर्धन पूजा के अवसर पर सार्वजनिक/सामान्य अवकाश घोषित किए जाने के निर्णय का छत्तीसगढ़ सर्व समाज संगठन (अधिकारी-कर्मचारी प्रकोष्ठ) ने स्वागत किया है। संगठन के प्रांताध्यक्ष भानु प्रताप यादव ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे जनभावनाओं और प्रदेश की सांस्कृतिक परंपराओं के सम्मान से जुड़ा निर्णय बताया।
भानु प्रताप यादव ने कहा कि गोवर्धन पूजा श्रद्धा, आस्था, प्रकृति के प्रति कृतज्ञता, गौवंश संरक्षण और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। छत्तीसगढ़ की कृषि एवं ग्रामीण संस्कृति में इस पर्व का विशेष महत्व है। अवकाश घोषित होने से अधिकारी-कर्मचारियों सहित आम नागरिकों को परिवार के साथ त्योहार मनाने और धार्मिक-सांस्कृतिक परंपराओं का निर्वहन करने का अवसर मिलेगा।
लंबे समय से उठाई जा रही थी मांग
प्रांताध्यक्ष यादव ने बताया कि संगठन द्वारा गोवर्धन पूजा पर सार्वजनिक/सामान्य अवकाश घोषित करने की मांग शासन के समक्ष रखी गई थी। राज्य सरकार के निर्णय पर संतोष व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि जनहित और सामाजिक भावनाओं से जुड़े विषयों पर सकारात्मक निर्णय लिया जाना स्वागतयोग्य है।
उन्होंने कहा कि त्योहार केवल धार्मिक आयोजन नहीं होते, बल्कि परिवारों को जोड़ने, सामाजिक सद्भाव बढ़ाने और सांस्कृतिक मूल्यों को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम भी हैं। गोवर्धन पूजा प्रकृति, पशुधन, कृषि और ग्रामीण जीवन से जुड़ी परंपराओं को सहेजने का संदेश देती है।
मुख्यमंत्री एवं राज्य सरकार के प्रति जताया आभार
छत्तीसगढ़ सर्व समाज संगठन (अधिकारी-कर्मचारी प्रकोष्ठ) ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, राज्य मंत्रिपरिषद और संबंधित विभागों के प्रति आभार व्यक्त किया। संगठन ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी सामाजिक संगठनों द्वारा उठाए जाने वाले जनहित के विषयों पर शासन सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाएगा।
अंत में भानु प्रताप यादव ने संगठन के समस्त पदाधिकारियों, सदस्यों एवं समाजजनों की ओर से राज्य सरकार को धन्यवाद दिया। साथ ही प्रदेशवासियों को गोवर्धन पूजा की शुभकामनाएं देते हुए पर्व को आपसी प्रेम, भाईचारे, सामाजिक सद्भाव, प्रकृति संरक्षण और गौसेवा की भावना के साथ मनाने की अपील की।
जारीकर्ता:
भानु प्रताप यादव
प्रांताध्यक्ष, छत्तीसगढ़ सर्व समाज संगठन
(अधिकारी-कर्मचारी प्रकोष्ठ)














