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दुर्ग

रक्तदान से मरीजों को मिली राहत, जीवन दीप समिति का महत्वपूर्ण योगदान

दुर्ग। रक्तदान मानवता की सेवा का एक महत्वपूर्ण तरीका है, और यह किसी भी गंभीर बीमारी या दुर्घटना से प्रभावित मरीजों के जीवन में अमूल्य योगदान करता है।

जिला चिकित्सालय का ब्लड बैंक, जो प्रदेश में रक्तदान शिविरों में प्रथम स्थान पर है, को रक्त की लगातार आवश्यकता रहती है। हाल ही में कुछ रक्त समूहों की कमी आई, जिसमें ए पॉजिटिव रक्त समूह भी प्रभावित हुआ।

इसके बावजूद, ब्लड बैंक के नोडल अधिकारी डॉ. प्रवीण अग्रवाल की सक्रियता और संवेदनशीलता के कारण ए पॉजिटिव रक्त की आपूर्ति की समस्या का समाधान हुआ।

जीवन दीप समिति के मानद सदस्य प्रशांत डोंगावकर ने तुरंत रक्तदान कर इस संकट में महत्वपूर्ण योगदान दिया। बता दें कि यह उनका 14वां रक्तदान था।

इसके साथ ही, ए नेगेटिव रक्त, जो कि एक दुर्लभ रक्त समूह है, की कमी के कारण जिला चिकित्सालय के सर्जिकल वार्ड में पाइल्स से पीड़ित मरीज के लिए तीन यूनिट रक्त की व्यवस्था की गई।

चौथे यूनिट की व्यवस्था के लिए नरेश कुंभकार ने ए नेगेटिव रक्त दान किया, जिससे बवासीर रक्तस्त्राव से पीड़ित मरीज को राहत मिली।

इस कार्य में जीवन दीप समिति के कई सदस्यों का सकारात्मक योगदान रहा। आजीवन सदस्य दिलीप ठाकुर, काउंसलर टी एस एंटोनी, स्टाफ नर्स सती गुप्ता, रोशन सिंह, रूपेश सपरे, सतीश सुराना, तरुणम और महेंद्र चंद्राकर की उल्लेखनीय भूमिका रही। इसके अलावा, एक अन्य दुर्लभ रक्त समूह, बी नेगेटिव, के लिए रक्तदान अनल मारोती द्वारा करवाया गया।

इस पूरी प्रक्रिया में प्रशांत सरकार की गरिमामय उपस्थिति भी महत्वपूर्ण रही, जिन्होंने रक्तदान के इस नेक कार्य में सहयोग दिया। इस तरह की सामूहिक प्रयासों से जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त मिल पाता है, और जीवन बचाने में मदद मिलती है।

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