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दुर्ग

नर्सरी प्रबंधन पर कौशल विकास प्रशिक्षण संपन्न

दुर्ग | कृषि विज्ञान केन्द्र पाहंदा दुर्ग ’अ’ में 03 से 08 मार्च 2025 तक नर्सरी प्रबंधन पर ग्रामीण युवाओं को कौशल प्रशिक्षण आयोजित किया गया।

इस कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में डॉ. एस.एस. टूटेजा, निदेशक विस्तार सेवायें, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर द्वारा नर्सरी प्रबंधन का छत्तीसगढ़ में संभावनायें एवं महत्व के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।

कृषि विज्ञान केन्द्र पाहंदा ‘अ‘ दुर्ग के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. विजय जैन ने नर्सरी हेतु स्थल चुनाव, अधोसंरचना स्थापना, शोभायमान एवं फूलों की नर्सरी प्रबंधन, कटिंग व बडिंग द्वारा पौध तैयार करना आदि में विस्तृत जानकारी प्रदान किये।

कृषि विज्ञान केन्द्र पाहंदा ’अ’ के विषय वस्तु विशेषज्ञ उद्यानिकी डॉ. कमल नारायण ने प्रशिक्षणार्थियों को गुटी द्वारा पौध तैयार करना, ग्राफ्टिंग की विभिन्न तकनीक से फलदार नर्सरी पौध तैयार करना, नर्सरी से सिंचाई प्रबंधन, नर्सरी स्थापना हेतु मातृत्व बगीचा स्थापना, विभिन्न प्रकार के नर्सरी प्रबंधन आदि पर विस्तृत जानकारी दिये।

डॉ. ललिता रामटेके ने नर्सरी में उर्वरक एवं खाद प्रबंधन तथा वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन पर विस्तृत जानकारी दिये। डॉ. विनय कुमार नायक नें नर्सरी में उपयोग होने वाले विभिन्न लघु उपकरणों के बारे में जानकारी दिये।

डॉ. ईश्वरी साहू ने नर्सरी पौध में लगने वाले कीट एवं व्याधि के लक्षण एवं उनके निदान के बारे में विस्तृत जानकारी दिये। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में 28 युवाओं ने भाग लिया एवं अंतिम दिवस प्रमाण पत्र वितरित किया गया।

यह कार्यक्रम नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चरल एक्सटेंशन मैनेजमेंट हैदराबाद द्वारा प्रायोजित था।

डॉ. दीप्ति झा वैज्ञानिक एवं नोडल अधिकारी निदेशालय विस्तार सेवायें इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।

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