ब्रेकिंग
छत्तीसगढ़ में घरेलू एलपीजी गैस एवं डीजल-पेट्रोल का पर्याप्त स्टॉक, आपूर्ति व्यवस्था पर सतत निगरानी क... कबीरधाम में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए शुरू होगी बड़ी मुहिम नगरपालिकाओं एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के आम / उप निर्वाचन 2026 हेतु निर्वाचक नामावली कार्यक्रम जारी मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (SCR) की पहली बैठक आयोजित प्रतिबंधित प्लास्टिक के खिलाफ निगम की सख्त कार्रवाई, कई दुकानों से डिस्पोजल गिलास व झिल्ली पन्नी जब्... राज्यपाल ने संत शदाराम साहिब भाषा भवन का किया शिलान्यास राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के अपमान पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लिखा ममता बनर्जी को कड़ा पत्र प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना में छत्तीसगढ़ देश में अव्वल ईश्वर की अनुपम कृति हैं महिलाएं : उप मुख्यमंत्री अरुण साव 4.24 करोड़ के विज्ञापन पर घमासान, भूपेश सरकार के फैसले की जांच के संकेत
दुर्ग

सुशासन तिहार-2025 के अंतर्गत जनपद पाटन में हितग्राहियों को मिला लाभ, जल संरक्षण को लेकर लिया गया संकल्प

दुर्ग | जनपद पंचायत पाटन के शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला सांकरा में सुशासन तिहार-2025 के अंतर्गत आज विभिन्न योजनाओं के तहत हितग्राहियों को सामग्री वितरित किए गए। दिव्यांग पात्र हितग्राहियों को ट्राइसाइकिल, श्रम कार्ड एवं महिलाओं को पोषण आहार का वितरण किया गया।

प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 10 हितग्राहियों को प्रमाण पत्र दिया गया। स्वामित्व योजना के अंतर्गत 20 व्यक्तियों को भू-पट्टा, ऋण पुस्तिका एवं मनरेगा (गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना) के तहत दस हितग्राही को जॉब कार्ड प्रदान किया गया।

पाटन जनपद में जल संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने हेतु “संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम“ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सुशासन तिहार समाधान शिविर के तहत की गई, जिसमें “एकेच गोठ, एकेच बानी, बूंद-बूंद बचाओ पानी“ थीम के साथ लोगों को जल संरक्षण की शपथ दिलाई गई।

शिविर का आयोजन डिप्टी कलेक्टर उत्तम ध्रुव, जनपद अध्यक्ष कीर्ति नायक, जनपद सभापति खेमलाल देशलहरा की उपस्थिति में किया गया। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दुर्ग बजरंग कुमार दुबे ने वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग) के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि 6 मई से 15 जून तक जिले भर में वर्षा जल संचयन का महा अभियान चलाया जाएगा।

इस अभियान के तहत ग्रामीणों को रेन वाटर हार्वेसिं्टग एवं रिचार्ज पीट बनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। सीईओ दुबे ने बताया कि वर्षा जल संचयन से पानी की बचत करता है, भूमिगत जलस्तर बढ़ाता है, बाढ़ नियंत्रण में मददगार होता है और पानी की गुणवत्ता बनाए रखने में भी उपयोगी है। इसके लिए छत पर जल संग्रहण, भूमिगत टैंक, तालाब और जलाशयों जैसे प्रभावी तरीके अपनाए जा सकते हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button