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अंकों का अजीब खेल: अंकों का भी अजीबोगरीब गणित होता है उसे चाहे तो संयोग कहो या भाग्य या नसीब. ?

राजकोट। गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. विजय रूपाणी का जीवन एक साधारण राजनीतिक यात्रा नहीं, बल्कि अंकों के अद्भुत संयोगों से जुड़ी एक दिलचस्प कहानी भी है। जन्म से लेकर मुख्यमंत्री बनने तक, और यहां तक कि हालिया पारिवारिक घटनाओं तक – ‘06’ और ‘12’ जैसे अंक उनके जीवन की घटनाओं से गहराई से जुड़े रहे हैं।

रूपाणी का जन्म 2 अगस्त 1956 को रंगून (अब यांगून), म्यांमार में हुआ था। महज चार साल की उम्र में, 1960 में म्यांमार की राजनीतिक अस्थिरता के चलते उनका परिवार राजकोट (गुजरात) लौट आया। यह प्रवासन उनके जीवन का पहला बड़ा मोड़ था, जिसने उनके भविष्य की दिशा तय की।

राजकोट में शिक्षा प्राप्त करने के बाद, वे छात्र राजनीति से जुड़े और 1971 में जनसंघ से जुड़ गए। आपातकाल (1975) के दौरान उनकी गिरफ्तारी ने उन्हें प्रदेश के उन चुनिंदा नेताओं की सूची में ला खड़ा किया जिन्होंने लोकतंत्र की रक्षा के लिए जेल की सजा भुगती।

उनके जीवन में कुछ खास वर्षों की संख्याएं बार-बार सामने आती रहीं, खासकर ‘06’ और ‘12’।

  • 2006 से 2012 तक वे राज्यसभा के सदस्य रहे।
  • 2014 में उन्होंने राजकोट पश्चिम से विधानसभा चुनाव जीता।
  • 2016 में वे गुजरात के 16वें मुख्यमंत्री बने।
  • 2021 तक वे इस पद पर बने रहे।

इन सभी वर्षों में कहीं न कहीं 06 और 12 का योग अथवा प्रभाव देखा गया, जो अंकों के अद्भुत संयोग की ओर इशारा करता है।

इतना ही नहीं, उनकी धर्मपत्नी अंजलिबेन रूपाणी के वाहनों की नंबर प्लेट पर भी ‘1206’ अंक अंकित है। हाल ही में रूपाणी परिवार के साथ हुई एक सड़क दुर्घटना की तारीख थी 12 जून, यानी साल का 6वां महीना और 12वीं तारीख। यह घटना एक बार फिर उन अंकों के साथ उनके जीवन के रहस्यमय संबंध को उजागर करती है।

अब यह महज संयोग है या किसी गहरे अंक-रहस्य का हिस्सा—इस पर मतभेद हो सकता है। मगर यह तथ्य निर्विवाद है कि स्व. विजय रूपाणी का जीवन अंकों के एक विशेष गणित से गहराई से जुड़ा रहा, जो आज सोशल मीडिया और जन चर्चा का विषय बन गया है।

 

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