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छत्तीसगढ़

विधानसभा के रजत जयंती वर्ष में हंगामा, विपक्षी विधायकों के वेल में प्रवेश से संसदीय गरिमा को गहरी ठेस

रायपुर |  छत्तीसगढ़ विधानसभा के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर उस समय गहरी संसदीय असहमति और अनुशासनहीनता देखने को मिली, जब विपक्षी विधायकों ने सदन के वेल में उतरकर जमकर नारेबाजी की। इस अप्रत्याशित घटनाक्रम के कारण विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह को प्रश्नकाल की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।

अध्यक्ष ने जताया खेद, बताया परंपराओं के विरुद्ध

डॉ. सिंह ने इस कृत्य को विधानसभा की परंपराओं और नियमावली के खिलाफ बताया और कड़े शब्दों में आलोचना की। उन्होंने कहा,

“आज का दिन हमारी विधानसभा के लिए संसदीय परंपरा को ठेस पहुंचाने वाला रहा। जब हम रजत जयंती वर्ष में अपने गौरवशाली इतिहास को याद कर रहे हैं, ऐसे समय में विपक्षी विधायकों का यह रवैया बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।”

विधानसभा अध्यक्ष ने यह भी स्पष्ट किया कि वेल में प्रवेश के बाद स्वतः निलंबन की प्रक्रिया लागू होती है, बावजूद इसके विपक्षी विधायक सदन से बाहर जाने की बजाय लगातार नारेबाजी करते रहे, जिससे सदन की गरिमा को गंभीर क्षति पहुंची।

जनहित से जुड़े प्रश्नकाल में बाधा

डॉ. सिंह ने घटना को जनहित के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि यह व्यवहार सीधे-सीधे जनता के प्रश्नों और उनकी समस्याओं पर चर्चा में व्यवधान डालने का प्रयास है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि विधानसभा चर्चा और समाधान का मंच है, न कि नारेबाजी और अराजकता का।

लोकतांत्रिक मूल्यों पर भी उठे सवाल

इस पूरे घटनाक्रम से सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई और साथ ही लोकतांत्रिक मूल्यों, अनुशासन और मर्यादा पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। विधानसभा अध्यक्ष ने विपक्ष से अपनी भूमिका और जिम्मेदारी को समझने की अपील की है।

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